अमेरिका में ठंड का मौसम लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है। यहां बर्फबारी के बीच हाल ही में आए तूफान के चलते लगभग पूरे देश में भीषण सर्दी के हालात बन गए हैं। भीषण सर्दी और तूफान के चलते अमेरिका का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तूफान की वजह से 20 लाख घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
तूफान से प्रभावित कुछ क्षेत्रों में पारा शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। मिनीपोलिस और सेंट पॉल शहर बर्फ की 20 सेंटीमीटर की चादर से ढंक गए हैं। लाखों लोगों के सामने बिजली, भोजन, दवा एवं अन्य जरूरी संसाधनों का संकट खड़ा हो गया है और काम-धंधे, व्यवसाय चौपट हो गए हैं। तूफान और ठंड के चलते डेलावेयर, इलिनोइस, इंडियाना, केंटकी, मैरीलैंड, मिशिगन, न्यू जर्सी, उत्तरी कैरोलिना, ओहियो, पेंसिल्वेनिया, टेनेसी, वर्जीनिया, वेस्ट वर्जीनिया और वाशिंगटन डीसी के 6.5 करोड़ लोगों का जीवन प्रभावित हो सकता है। इन राज्यों में आपातकालीन स्थितियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
हो चुकी हैं 12 से अधिक मौतें
देश भर में बर्फबारी, सड़क दुर्घटनाओं और तूफान के चलते 12 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। तूफान के चलते आपातकालीन सेवाओं के नहीं पहुंचने पर न्यूयॉर्क में घरों के अंदर दो लोगों की मौत हो गई।
दो दिन में 7700 उड़ानें रद्द, हजारों यात्री फंसे
लोगों की क्रिसमस की छुट्टियों की योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। शुक्रवार को 5700 घरेलू और विदेशी उड़ानें रद्द की गई थीं, वहीं शनिवार को 2000 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके चलते हजारों यात्री हवाई अड्डों और अन्य पर्यटक स्थलों पर फंस गए हैं।
बिजली खपत में कटौती की अपील
अमेरिका के प्रमुख बिजली ग्रिड ऑपरेटर पीजेएम इंटरकनेक्शन ने ब्लैकआउट की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने के लिए कहा है।
अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा के मुताबिक, पूरे देश में मौजूदा समय में 20 करोड़ के करीब लोग चेतावनी क्षेत्रों में रह रहे हैं। फिलहाल बर्फबारी और तूफान की वजह से चेतावनी वाली क्षेत्रों की संख्या भी अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। खराब मौसम की वजह से 14 लाख घरों और कारोबारों को बिजली संकट का भी सामना करना पड़ा है। इनमें ज्यादातर को कई घंटों तक अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बर्फीला तूफा अमेरिका के एक बॉर्डर से दूसरे बॉर्डर तक गुजरा। इसके चलते कनाडा में भी उड़ानों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। यहां वेस्टजेट ने टोरंटो के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट्स कैंसल कर दीं। दूसरी तरफ मैक्सिको की तरफ अमेरिकी बॉर्डर पर भयानक ठंडे तापमान की वजह से सैकड़ों अप्रवासी ठिठुरते देखे गए। बता दें कि इन अप्रवासियों की अमेरिका में एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट को फैसला लेना है। कोरोना महामारी की वजह से 2020 से ही प्रवासियों को शरण देने पर रोक लगी है।