अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त आव्रजन नीति को आगे बढ़ाने के लिए अपनी सहमति दे दी है जिसका डेमोक्रेटिक सांसद विरोध करते रहे हैं। इस नीति के तहत अब अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए ग्रीन कार्ड और नागरिकता हासिल करने में परेशानी आ सकती है। न्यायपालिका ने इस नीति को 5-4 मतों से मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में ट्रंप प्रशासन के जिस प्रस्ताव पर मुहर लगाई है उसमें कहा गया था कि ऐसे सभी आव्रजकों को वीजा देने में कड़ाई बरती जाए, जो फूड स्टैम्प, उपचार के लिए मेडिकेड और आवासीय सुविधाओं के नाम पर आव्रजक रूप में अमेरिका आते हैं। इन लोगों को ग्रीन कार्ड और अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में पेचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रस्ताव में ऐसे सभी वीजा आवेदकों से करीब आठ हजार डॉलर का एक बॉन्ड सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा गया था। इसकी देशभर में निंदा हुई थी और कुछ राज्यों ने इसे अमीर-गरीब के बीच पक्षपात वाला भी बताया गया था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही सख्त आव्रजन नीतियों के पक्षधर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा फैसला ट्रंप के लिए 2020 में राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान को और मजबूती देगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिकागो को छोड़कर पूरे देश में लागू किया जा सकेगा क्योंकि शिकागो की एक अदालत में एक अन्य याचिका विचाराधीन है। अदालत के फैसले पर गृह सुरक्षा विभाग के मंत्री ने प्रसन्नता जताई है।