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कोरोना वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों को आ रहे बुरे सपने : अमेरिकन वैज्ञानिक

Fri, 02 Oct 2020 05:07 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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Sleep Study- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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वैज्ञानिकों ने एक हजार लोगों को आये सपनों का विश्लेषण करने में मदद करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करते हुए पाया कि कोरोना वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों को व्यथित कर देने वाले सपने आ रहे हैं। शोधकर्ताओं ने फिनलैंड में कोविड-19 लॉकडाउन के छठे सप्ताह के दौरान 4,000 से अधिक लोगों की नींद और तनाव के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

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इनमें से लगभग 800 लोगों ने उस समय के दौरान अपने सपनों के बारे में जानकारी दी। इनमें से अधिकांश लोगों ने महामारी के बारे में चिंता व्यक्त की। हेलसिंकी युनिवर्सिटी के स्लीप एंड माइंड रिसर्च ग्रुप की प्रमुख डॉ. अनु-कैटरीना पेसोनन ने बताया कि हम कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान व्यक्तियों को महामारी को लेकर आने वाले सपनों के बारे में जानने के लिए रोमांचित थे।

डेटा को एआई एल्गोरिथ्म में बदला
पेसोनन ने बताया कि इसके निष्कर्ष में हमें चरम परिस्थितियों में कोरोना से संबंधित कुछ चित्र और चेतना के लक्षणों को समझने और इस तरह, व्यक्तियों के बीच इन्हें साझा करने की अनुमति मिली। सपनों में परिलक्षित एक साझा कल्पना का विचार बहुत ही पेचीदा है। पेसोनन और उनकी टीम ने सपनों की जानकारी को फिनिश से अंग्रेजी में उतारा और डेटा को एआई एल्गोरिथ्म में बदला था। यह अध्ययन फ्रं टियर्स इन साइकोलॉजी में एक पेपर में प्रकाशित किया गया है।

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