अटल बिहारी वाजपेयी उस शख्सियत का नाम है जो सिर्फ भारत में ही लोकप्रिय नहीं थे बल्कि विश्व में उनकी एक खास पहचान थी। भारतीय राजनीति के इस सितारे के अवसान पर अमेरिका और रूस सहित कई देशों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। साथ ही द्विपक्षीय संबधों को मजबूत करने एवं क्षेत्रीय शांति बनाये रखने में उनके योगदान को याद किया है।
रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने वाजपेयी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा।
पुतिन ने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी का दुनियाभर में बड़ा सम्मान था। उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ताना और गौरवपूर्ण रणनीतिक साझेदारी में व्यक्तिगत तौर पर बड़ा योगदान दिया। हम उनके परिवार, भारत सरकार और वहां की जनता के प्रति सहानुभूति और सहयोग व्यक्त करते हैं। ’’
अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ ने कहा कि वाजपेयी ने प्रारंभ में समझ लिया था कि अमेरिका-भारत साझेदारी से विश्व की आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा को बल मिलेगा तथा दोनों की अर्थव्यवस्थाएं उनकी दृष्टि से लाभान्वित होती रहेंगी।
उन्होंने गुरुवार को एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका की जनता की ओर से मैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान पर भारत के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करता हूं।’’
उन्होंने वाजपेयी के वर्ष 2000 में कांग्रेस को संबोधित करते हुए दिए गए भाषण को याद किया जब उन्होंने अमेरिका-भारत संबंध को साझे प्रयासों की स्वभाविक साझेदारी करार दिया था।
नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने वाजपेयी के निधन पर ट्वीट कर शोक जताया। इसमें उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर सुनकर बड़ा दुख हुआ। दिवंगत आत्मा को शांति मिले। ’’
मोदी को भेजे संदेश मे ओली ने कहा, ‘‘दिवंगत वाजपेयी एक दूरदर्शी नेता थे और वह भारत की निस्वार्थ सेवा के लिए याद किए जाएंगे। उनके निधन से भारत और दुनिया ने एक विराट हस्ती और नेपाल ने एक सच्चे दोस्त और शुभेच्छु को खो दिया है।’’