ये पश्चिमी देशों की चकाचौंध का असर है या फिर कुछ और, लेकिन भारत समेत अन्य कई एशियाई देशों के लोग अमेरिकी नागरिकता हासिल करने पर तुले हुए हैं। इन्हीं लोगों ने ही जन्म दिया है ‘बर्थ टूरिज्म’ को।
बर्थ टूरिज्म के बहाने ये लोग अपने बच्चों के लिए अमेरिका, कनाडा और अन्य विकसित देशों की नागरिकता हासिल कर लेते हैं और फिर उन्हें एंकर के तौर पर उपयोग कर इन देशों की सरकारी व अन्य विकसित सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उपयोग करते हैं।
कुछ महीने पहले अमेरिकी पुलिस ने एक होटल में छापा मार कर बर्थ टूरिज्म के कारोबार का खुलासा किया था। दरअसल बर्थ टूरिज्म के तहत दूसरे देशों से दंपति यात्री वीजा पर आते हैं और अपने बच्चे को अमेरिका जैसे विकसित देश की धरती पर जन्म देते हैं।
इससे यहां के कानून के मुताबिक नवजात को नागरिकता मिल जाती है और फिर वे बच्चे को लेकर अपने देश निकल जाते हैं। बच्चे के 21 साल का होने के बाद बच्चा अमेरिका आता है और यहां का नागरिक बनकर अपने मां-बाप को यहीं बुला लेता है।