ट्रंप प्रशासन सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा का प्रेस पास वापस लौटाने के लिए तो मान गया है लेकिन एक नई मुसीबत भी खड़ी कर दी है। प्रशासन ने जिम को एक लेटर भेजा है जिसमें ये लिखा है कि उनके पास को मंजूरी मिल गई है। लेकिन अब प्रशासन ने पत्रकारों को लेकर कुछ नियम बनाए हैं।
व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलनों को लेकर तीन नए नियमों की घोषणा करते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, एक पत्रकार एक ही सवाल करेगा और उसके बाद अन्य को भी मौका देगा।
दूसरा, राष्ट्रपति या संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर रहे अधिकारी के विवेकानुसार पूरक सवाल या एक से ज्यादा सवाल पूछने की अनुमति होगी।
तीसरा, दूसरों को मौका देने का अर्थ है, (जिस मामले में लागू हो) माइक व्हाइट हाउस स्टाफ को सौंपना ताकि उसे अगले व्यक्ति को दिया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का पालन नहीं करने पर पत्रकार का पास निलंबित किया जा सकता है या वापस लिया जा सकता है।नए नियमों के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक रिपोर्टर केवल एक ही सवाल पूछ पाएगा।
व्हाइट हाउस ने लेटर में ये भी लिखा है कि अगर अकोस्टा नियमों को नहीं मानते तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि उन्होंने फैसला लिया है कि वह जिम का पास सस्पेंड करते हैं। जिसके बाद सीएनएन ने दोबारा सुनवाई की मांग की थी।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि "जिम अकोस्टा को पास मिल जाना कोई बड़ी चीज नहीं है और अगर उसने दोबारा बुरा व्यवहार किया तो उसे बाहर फेंक दिया जाएगा। ट्रंप ने आगे कहा, "फेडरल जज का आदेश सही था। जज ने कहा कि हमें व्हाइट हाउस में आचरण के लिए नियम और विनियम बनाने होते हैं।"
बता दें व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा की बहस के बाद उनका व्हाइट हाउस पास ले लिया गया था। जिसके बाद मंगलवार को सीएनएन ने ट्रंप और व्हाइट हाउस दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
सीएनएन ने केस दर्ज कराने की घोषणा करते हुए कहा था, ''प्रेस दस्तावेज को गलत तरीके से निरस्त किया गया है। इससे न केवल प्रेस की स्वतंत्रता के सीएनएन के बल्कि अकोस्टा के भी प्रथम संशोधन अधिकार और नियत प्रक्रिया के पांचवें संशोधन अधिकार का उल्लंघन हुआ है। हमने अदालत से आग्रह किया है कि जिम का पास लौटाया जाए।"
जिसके बाद अमेरिकी संघीय जज ने व्हाइट हाउस को सख्त निर्देश दिए कि वह सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा की मान्यता दोबारा बहाल करे। वाशिंगटन स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज टिमोथी केली का यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए गहरे झटके जैसा था।