प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए विश्व को गरीबी से मुक्त करने, सुरक्षा प्रदान करने पर जोर दिया। इस दौरान पीएम ने कहा कि जब दुनिया ने साथ निभाया तो मानवता की जीत हुई।
अपने संबोधन में उन्होंने महात्मा गांधी के उस बयान को कोट किया जिसमें उन्होंने भविष्य की चिंता करते हुए कहा था कि हमें उसके लिए भी काम करना चाहिए जिसे देखने के लिए हम नहीं होंगे। मोदी ने कहा कि हमारा एजेंडा 2030 महत्वाकांक्षी है और उद्देश्य व्यापक है।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम सब गरीबी से मुक्त होने का सपना देख रहे हैं हमारी प्राथमिकता में गरीबी से छुटकारा पाना है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है हम सभी मिलकर न्याय के लिए काम करें।
प्रधानमंत्री ने पं दीनदयाल उपाध्याय का भी जिक्र करते हुए कहा कि दीनदयाल जी का सपना था कि समाज के अंतिम व्यक्ति का भी विकास हो। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत जलवायु परिवर्तन पर भी ध्यान रख रहा है। सामुद्रिक संपत्ति का न्यायोचित उपयोग और नीला आसमान ये तीनों बात सम्मिलित है।
भारत ने विकास का जो मार्ग चुना है यूएन के सस्टेनेबल डवलेपमेंट पर भी ध्यान रख रहा है। गरीब को शिक्षा मिले, उसके हाथों में हुनर हो यह हमारा प्रयास।