वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के विवादित 'ट्रैवल बैन' के आदेश पर मुहर लगा दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मुद्दों को मंजूरी नहीं देते हुए उन्हें निचली अदालत में भेज दिया है, जहां उसपर बहस होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डोनल्ड ट्रंप सरकार का ट्रैवल बैन कानूनी अंशत: प्रभावी हो जाएगा।
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रैवल बैन' को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए उसे मंजूरी दे दी है। जिसमें डोनल्ड ट्रंप ने 6 मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर अमेरिका की यात्रा करने पर बैन लगा दिया था।
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डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद 27 जनवरी 2017 को एक्जीक्यूटिव ऑर्डर नंबर 13769 पर दस्तखत किए थे, जिसे अमेरिका में विदेशी आतंकियों के एंट्री रोकने वाला आदेश कहा गया था। इस आदेश पर अमेरिका की निचली अदालतों ने 6 मार्च को रोक लगा दिया था, जिसमें इरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों को अमेरिका में घुसने से रोक दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाने के समय कहा कि अगर किसी को वाजिब वजह से अमेरिका की यात्रा जरूरी हो, तो उसे यात्रा से नहीं रोक सकते। ऐसे लोगों को जांच के बाद अमेरिका आने दिया जाए। हां, बिना वजह इन देशों से अमेरिका की यात्रा करने वालों पर ये रोक जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को डोनल्ड ट्रंप सरकार की जीत के तौर पर देखा जा रहा है। अब डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ऐसे देशों से अमेरिका में आते जा रहे रिफ्यूजियों और अप्रवासियों को देश की सीमा से दूर रख सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला माना है।
इस आदेश के तहत अमरीका के शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम को 120 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था। साथ ही सीरियाई शरणार्थियों के अमरीका में आने पर अनिश्चतकाल के लिए रोक लगा दी गई थी।