ब्रिक्स समिट में देशों के घोषणापत्र में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का नाम शामिल होने पर पाकिस्तान सवालों के घेरे में हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान का सलाह दी है कि उसे इस संगठनों के प्रति अपने रवैये को बदलने चाहिए और इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। अमेरिका के स्टेट डिर्पाटेमेंट के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए पाकिस्तान को ये सलाह दी है।
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कबूला था कि लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठन आतंक के लिए पाकिस्तान की धरती कर इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर इन आतंकी संगठनों पर बंदिशें नहीं लगाई गईं तो पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और उसे शर्मिंदगी का सामना करना जारी रहेगा।
आसिफ का यह बयान चीन समेत ब्रिक्स देशों के सम्मेलन की समाप्ति के दो दिन के बाद आया है। ऐसा पहली बार है जब पाकिस्तान के एक शीर्ष मंत्री ने यह माना है कि लश्कर ए ताइबा, जैश ए मोहम्मद (जैश) जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधित आतंकी समूह पाकिस्तान से आतंक का संचालन कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पाकिस्तान की इस बात की आलोचना कर चुके हैं कि उनका देश हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। अब आसिफ के बयान ने ट्रंप के दावे की पुष्टि कर दी है कि लश्कर और जैश समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधित आतंकी संगठन पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।