अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।
अब अमेरिका के राजकोष विभाग को उन कंपनियों और आर्थिक संस्थानों पर कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है, जिनसे व्यापारिक रिश्ते उत्तर कोरिया से हैं।
ट्रंप ने यह जानकारी भी दी कि चीन के सेंट्रल बैंक ने अन्य चीनी बैंकों को प्योंगयांग के साथ कारोबार रोकने के लिए कहा गया है।
संयुक्त राष्ट्र ने दो हफ्ते पहले ही उत्तर कोरिया के ऊपर परमाणु परीक्षण करने पर नए प्रतिबंध लगाए थे।
पूरी दुनिया से दबाव बढ़ने के बावजूद उत्तर कोरिया पिछले कुछ हफ्तों से लगातार परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर रहा है। उसके इन कदमों से तनाव बढ़ गया है।
उत्तर कोरिया के उद्योगों पर निशाना
नए प्रतिबंधों का एलान करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "इंसानियत के लिए सबसे खतरनाक हथियार विकसित करने के लिए उत्तर कोरिया को जिन स्रोतों से फंडिंग मिलती है, उन्हें रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।"
ट्रंप का इशारा उत्तर कोरिया के कपड़ा, मत्स्य, आईटी और उत्पादन उद्योगों की तरफ था।
उन्होंने कहा, "परणाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों को फंड करने के लिए उत्तर कोरिया बहुत लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली का दुरुपयोग करता रहा।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि 'ये प्रतिबंध सिर्फ एक देश पर लगाए गए हैं और वह देश उत्तर कोरिया है।'
इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में भाषण देते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया अगर अमेरिका या इसके सहयोगियों के लिए खतरा पैदा करेगा तो उसे पूरी तरह तबाह करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने मंगलवार को ट्रंप की टिप्पणियों की तुलना "कुत्ते के भौंकने" से की थी।
री योंग-हो शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में भाषण देंगे।