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दक्षिण चीन सागर के तनाव को कम करने के लिए अमेरिका ने बनाया स्पेशल प्लान

Thu, 14 Jul 2016 05:17 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : Reuters
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अमेरिका दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस, इंडोनेशिया, वियतनाम और अन्य दक्षिण एशियाई देशों को आक्रमाक रुख अपनाने से रोकने में लगा है। अमेरिका की यह शांति कूटनीति, दक्षिण चीन सागर में चीन के दावों के खिलाफ सुनाए गए अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले का पालन करने से चीन के इनकार के बाद सामने आई है।
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अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, ' हम चाहते हैं कि चीजें शांत हो जाए जिससे की तार्किक होकर इन मुद्दों का समाधान निकाला जा सके ना कि भावुक होकर।' अधिकारी ने आगे कहा, 'यह शांति के लिए एक पहल है नाकि चीन के खिलाफ क्षेत्र को एकजुट करने का कोई प्रयास जिससे एक नयी कहानी जन्म लेगी कि अमेरिका चीन को रोकने के लिए एक गठबंधन का नेतृत्व करेगा।' 

दक्षिणी चीन सागर में शांति लाने के प्रयासों को उस समय बड़ा झटका लगा जब ताइवन ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के चीन के खिलाफ फैसले सुनाने के बाद एक युद्धपोत इस सागर के लिए रवाना कर दिया। इस मौके पर ताइवान के राष्ट्रपति साइ इंग-वेन ने युद्धपोत के डेक पर सैनिकों से कहा कि ताइवानी अपने देश के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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योजना विफल होने पर अमेरिकी सेना को तैयार रहनो का निर्देश

- फोटो : Reuters
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया था कि चीन के दावे वाली ‘नाइन डैश लाइन’ पर चीन का कोई ऐतिहासिक अधिकार नहीं है और ना ही स्पार्टलेज श्रृंखला में सबसे बड़ा द्वीप यानी ताइवान प्रशासित 'तेइपिंग' पर ताइवान के कोई अधिकार है। न्यायालय ने तेइपिंग को 'चट्टान' के तैर पर परिभाषित किया था।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी कूटनीति इंडोनेशिया में सफल होंगी। इंडोनेश्या ने हाल ही में दक्षिण चीन सागर में स्थित नाटूना द्वीप पर अपनी संप्रुभता का ऐलान करते हुए सैकड़ो मछुवारों को भेजा था। इस द्वीप पर चीन भी दावा करता है। चीन की नौ सेना इस द्वीप पर आने के फिलीपींस के कई मछुवारों को प्रताड़ित भी कर चुकी है।

अमेरिका की अगर ये कूटनीति विफल होती है तो उस स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका ने आकस्मिक योजना भी बनाई है। सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका वायु सेना और नौसेना विवादित क्षेत्र में समुद्री और हवाई परिगमन की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए तैयार हैं।

अमेरिका की विदेश मामलों की देखने वाली समिति के एक वरिष्ठ सदस्य बेन कार्डिन ने कहा कि फिलीपींस, इंडोनेशिया, वियतनाम और अन्य देश अगर अपनी मनमानी करने की जगह अमेरिका के बताए रास्ते पर चले तो टकराव होने की संभावना कम है। बेन ने कहा कि चीन एक वियतनामी मछली पकड़ने की नाव के साथ टकराने से परहेज नहीं करेगा, लेकिन वो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टकराव नहीं चाहेगा।
 
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