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अमेरिकी सांसद बोले- पाकिस्तान की सहायता मतलब माफिया को धन देना

Wed, 13 Jul 2016 05:23 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : file photo
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आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रवैये से नाराज अमेरिकी सांसदों और विशेषज्ञों ने पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद में कटौती करने को कहा है। इसके साथ ही पाक को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश के तौर पर सूचीबद्ध करने की अपील भी की है। सांसदों ने कहा कि आतंकवादी तत्वों को समर्थन देने वाला और चीजों को जोड़-तोड़कर पेश करने वाला यह देश (पाकिस्तान) अमेरिका को मूर्ख समझता रहा है।
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सदन की विदेश मामलों की समिति की एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष मैट सैल्मन कहा, 'वे हमें मूर्ख बना रहे हैं। वे हमें मूर्ख समझते हैं। यह माफिया को धन देने की तरह है।' पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के समय के शीर्ष राजनयिक जाल्मे खलीलजाद ने सांसदों से कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व ने किस प्रकार दशकों से अमेरिकी प्रणाली के साथ खेल खेला है।

सैल्मन ने खलीलजाद की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘भोले-भाले मूर्ख अधिकतर अमेरिकी यह देख सकते हैं और हमारे तथाकथित नेताओं को यह बात अभी तक समझ नहीं आई।’
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अपने कृत्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करता है पाकिस्तान

- फोटो : Reuters
फांउडेशन फोर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसिज के लॉन्ग वार जर्नल के वरिष्ठ संपादक बिल रोजियो ने खलीलजाद से अपील की कि पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद में कटौती की जाए और उसे आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश के रूप में सूचीबद्ध किया जाए।

खलीलजाद ने बुश के शासनकाल में अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि समेत विभिन्न राजनयिक पदों की जिम्मेदारी संभालते हुए पाकिस्तान नेतृत्व के साथ हुए अनुभव को साझा करते हुए कहा, 'पाकिस्तान बहुत चालाकी से चीजों को तोड़-मरोड़कर पेश करके हमारा इस्तेमाल करता रहा है। मुझे यह कहना होगा।'

खलीलजाद ने कहा कि पाकिस्तान, कांग्रेस(अमेरिकी संसद) के विशिष्ट सदस्यों तक पहुंचते हैं, उन्हें यात्रा के लिए आमंत्रित करते हैं, उन्हें लुभाते हैं, एक बार फिर वादा करते हैं और हमारे बयानों का ऐसा निष्कर्ष निकालते हैं जो तथ्यों के सापेक्ष ‘हैरान करने वाले’ होते हैं। यह पूछे जाने पर कि अमेरिका उसी नीति को क्यों अपनाता रहा है, खलीलजाद ने कहा कि अपने कृत्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की पाकिस्तान की क्षमता इसका एक कारण रही है।

 
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'आईएसआई पाकिस्तानी सेना की शाखा'

अमेरिकी संसद
अमेरिकी सांसद डाना रोहराबाचर ने कहा कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान सरकार और सउदी अरब ने मिलकर बनाया है। रोहराबाचर ने कहा कि अमेरिका का पाकिस्तान को मदद देना ‘मूखर्तापूर्ण’ है। उन्होंने कहा, ‘यह भ्रष्ट दमनकारी शासन बलूचिस्तान के लोगों को मार रहा है। बलूचिस्तान के लोगों को यह समझना चाहिए कि अमेरिका एक भ्रष्ट, आतंकवादी समर्थन शासन से उनकी स्वतंत्रता एवं स्वाधीनता के लिए उनके साथ है।’

वहीं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर कड़ी टिप्पणी करते हुए अमेरिकन यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर ट्रीसिया बैकन ने कहा, ‘रोजियो ने कहा कि आईएसआई पाकिस्तानी सेना की एक शाखा है। यह पाकिस्तानी सेना की इच्छा को अंजाम दे रहा है जो वास्तव में पाकिस्तानी सरकार है। (चयनित) सरकार पाकिस्तानी सेना का केवल चेहरा है।’
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