जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिका यथास्थिति को बनाए रखते हुए नियंत्रण रेखा को मानने के पक्ष में है। मगर साथ ही वह यह भी साफ कर रहा है कि कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत की गति, संभावना और चरित्र को तय करना भारत और पाक पर ही निर्भर करता है।
अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम ‘आजाद’ जम्मू और कश्मीर और साथ ही पाकिस्तान नियंत्रित गिलगित बलूचिस्तान की पुष्टि करते है। हम 1972 की अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा की भी पुष्टि करते हैं।’ दरअसल, विदेश विभाग के प्रवक्ता से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और गिलगित पाकिस्तान के बारे में सवाल पूछे गए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी कुछ समय पहले ही पाकिस्तान से इस क्षेत्र को खाली करने को कहा है। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने कई बार अपनी कश्मीर नीति को बताया है। हम मानते है कि इस मुद्दे पर बातचीत की गति, संभावना और चरित्र को दोनों देश ही निर्धारित करेंगे। मगर हम इस दिशा में किसी भी सकारात्मक कदम का समर्थन करते हैं।’