पिछले साल हुए अमेरिकी आम चुनावों के दौरान फेक न्यूज फैलाने के लिए चर्चा में आए व्यक्ति की मौत हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार, 38 साल के पॉल हॉर्नर को 18 सितम्बर को एरिजोना के उनके घर में बिस्तर पर मृत पाया गया।
संदेह है कि उनकी मौत अधिक मात्रा में ड्रग लेने से हुई। हॉर्नर ने फेसबुक पर फर्जी लेख प्रकाशित करते थे और बाद में खुद की वेबसाइट स्थापित की। उन्होंने दावा किया था कि उनके कारण ही ट्रंप राष्ट्रपति बने।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान फेक न्यूज की बाढ़, एक बड़ी चिंता का विषय बन गया था। कुछ लोगों ने इन फर्जी खबरों पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश के भी आरोप लगाए थे।
'ट्रंप से नफरत करता हूं'
हॉर्नर की फर्जी खबरों में से एक पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समलैंगिक और कट्टर मुस्लिम होने का दावा भी शामिल रहा है। ट्रंप के बेटे एरिक और उनके प्रचार मैनेजर कोरे लीवांडोव्स्की ने हॉर्नर की उस फर्जी खबर को पोस्ट किया था, जिसमें दावा किया गया था कि रिपब्लिकन उम्मीदवार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनकारियों को 3,000 डॉलर दिए गए थे।
हालंकि हॉर्नर ने अपने काम को राजनीतिक व्यंग कहकर उनका बचाव किया था। मैरिकोपा काउंटी शेरिफ कार्यालय ने ऑटोप्सी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए हॉर्नर की मौत में किसी साजिश से इनकार किया है।
रिकॉर्ड के अनुसार, हॉर्नर पहले भी नशे के लत के शिकार रहे हैं और घटनास्थल के सबूतों से पता चलता है कि ये 'ड्रग ओवरडोज का मामला' है।
बीते नवंबर में 'वॉशिंगटन पोस्ट' को दिए एक साक्षात्कार में हॉर्नर ने कहा था, "मुझे लगता है कि ट्रंप आज व्हाइट हाउस में हैं तो मेरे ही कारण।" उन्होंने कहा था, "मेरी वेबसाइट की खबरों को ट्रंप के समर्थक हमेशा ही हाथों हाथ लेते रहे हैं...उनके समर्थक कभी तथ्यों को चेक नहीं करते...वो भरोसा करते हुए हर चीज को पोस्ट करते रहते हैं।"हालांकि उन्होंने कहा था कि वो 'ट्रंप से नफरत' करते हैं।