चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा भेजना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है, लेकिन उनका प्रशासन नासा को अतिरिक्त धन दिए बिना इसे पूरा करना चाहता है। सोमवार को जारी बजट प्रस्ताव देखने से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य निजी क्षेत्र को बड़ी भूमिका देने का है। ट्रंप प्रशासन 2025 तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) को किया जाने वाला अमेरिकी भुगतान खत्म करने के बारे में भी सोच रहा है।
अंतरिक्ष स्टेशन को फिलहाल 2024 तक संचालित करने का लक्ष्य है लेकिन माना जा रहा है कि इसे कम से कम 2028 तक और आगे बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि अमेरिका आईएसएस का निजीकरण करना चाहता है और आगामी कुछ वर्षों में अंतरिक्ष कार्यक्रम का वित्तपोषण बंद कर देगा।
बजट जारी होने से पहले न्यूयॉर्क टाइम्स को मिले दस्तावेजों के अंश के मुताबिक ट्रंप प्रशासन वित्तीय वर्ष 2019 में आईएसएस के लिए 19.9 अरब डॉलर खर्च करेगा, जो वर्तमान से 37 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी है। लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
भविष्य के वर्षों में प्रशासन नासा के खर्च को 19.6 अरब डॉलर तक किराना चाहता है, जिसे 2023 तक फ्लैट करने की तैयारी है। इसके अलावा नासा की खरीद शक्ति में भी कमी की जाएगी। इसके लिए हर साल बजट में कटौती करने की योजना है। फिलहाल अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी की कक्षा में है जिसका संचालन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा करती है। हालांकि अखबार को मिले दस्तावेजों में 2025 तक के लिए नासा को प्रत्यक्ष संघीय सहयोग बंद करने का मतलब यह नहीं है कि तब तक यह अपने आप बंद हो जाएगा।
सिर्फ आईएसएस के कुछ हिस्सों का संचालन कर सकता है नासा
न्यूयॉर्क टाइम्स को मिले दस्तावेजों में कहा गया है कि संभवत: नासा भविष्य में वाणिज्यिक मंच के हिस्से के बतौर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के कुछ हिस्सों का संचालन करता रहे। नासा आगामी सात साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय और वाणिज्यिक भागीदारी का विस्तार करेगा ताकि पृथ्वी की निचली कक्षा तक मानवीय पहुंच और उपस्थिति लगातार बनी रहे।