गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अच्छी खबर है। इलिनॉयस से रिपब्लिकन सांसद जोए वॉल्श का कहना है मोदी पर 7 साल से लगा बैन हटना चाहिए। विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को लिखे पत्र में वॉल्श ने लिखा है कि जिस बात को लेकर मोदी को वीजा देने से मना किया गया है, उसका कोई आधार नहीं है। यह अमेरिकी कानून से मेल भी नहीं खाता।
आमंत्रित करना चाहिए
अमेरिकी सांसद का कहना है कि भ्रष्टाचार पर सख्त रूख के लिए मोदी पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उनकी कोशिशों के चलते ही गुजरात के विकास की मिसाल दी जाती है। मोदी को वीजा देने से मना करने के बजाय हमें उन्हें आमंत्रित करना चाहिए। वॉल्स की इस मांग पर द इंडियन अमेरिकन मुसलिम परिषद ने कड़ा विरोध जताया है। परिषद ने पत्र पर विरोध जताते हुए मांग की है कि सरकार को मोदी के वीजा पर अपनी 2005 की नीति को नहीं बदलना चाहिए। हालांकि हिलेरी ने अभी तक वॉल्स के पत्र का जवाब नहीं दिया है।
2005 से लगा है बैन
शिकागो में भारतीय मूल के अमरीकी समुदाय के जो लोग मोदी का समर्थन करते हैं, वॉल्श इनके बीच बेहद लोकप्रिय हैं। पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान मोदी पर 2005 में प्रतिबंध लगाया गया था। मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी मोदी पर प्रतिबंध को जारी रखा है। 2002 के गुजरात दंगों के कारण मोदी के खिलाफ इमिग्रेशन एंड नैशनलिटी ऐक्ट के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन को लेकर यह बैन लगाया गया था।