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अल्पसंख्यकों से दुर्व्यवहार बंद करे पाकिस्तान

Fri, 14 Sep 2012 12:05 PM IST
वाशिंगटन/एजेंसी
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अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने यहां अल्पसंख्यकों से साथ दुर्व्यवहार बंद करे। इसके साथ ही उसे विवादित ईशनिंदा कानून में सुधार करने को भी कहा है। मालूम हो कि इस मामले में आरोपित मानसिक रूप से कमजोर ईसाई लड़की को कुछ दिनों पहले ही इसलामाबाद की कोर्ट द्वारा जमानत दी गई है। वाशिंगटन स्थित यूएस कांफ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप में आयोजित अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमेरिका के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनिस मैकडोलनाह ने कहा कि पाकिस्तान में हम ईसाई लड़की को ईशनिंदा के आरोप से रिहा किए जाने का स्वागत करते हैं।
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हम इसलामाबाद द्वारा धार्मिक अल्पसंख्यकों को चिन्हित करने और भाईचारा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों को भी स्वागत करते हैं। हम अभी भी पाकिस्तान से लगातार कह रहे है कि वह अल्पसंख्यकों से दुर्व्यवहार करना बंद करे तथा ईशनिंदा कानून में सुधार करे। उनका यह बयान रिमशा मसीह को ईशनिंदा मामले में जमानत दिए जाने के बाद पांच दिन बाद आया। रिमशा को कुरान की प्रतियां जलाने के आरोप में गलत तरीके से फंसाया गया था।

उसकी कैद पर कई देशों ने चिंता जाहिर की थी। अपने लंबे भाषण में मैकडोलनाह ने कहा कि पाकिस्तान में इस तरह के कानूनों ने ही धार्मिक हिंसा और कट्टरपंथियों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने चीन के बारे में कहा कि तिब्बत में बीजिंग की गतिविधियां वहां के लोगों को डराने वाली तथा उनकी धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को ध्वस्त करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि इसी स्थिति के कारण ही बहुत से तिब्बती आत्मदाह के लिए प्रेरित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन अभी भी वहां के धार्मिक समूहों को धमका रहा है।
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