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ट्रेड वॉर : चीन से आयात पर ढाई गुना शुल्क बढ़ा सकता है यूएस, जवाब देने को तैयार बैठा ड्रैगन

Thu, 02 Aug 2018 04:20 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर अब और बढ़ने की आशंका है। ट्रंप प्रशासन चीन के आयात पर 200 अरब डॉलर के आयात शुल्क दुगने से अधिक ढाई गुना करने की योजना पर विचार कर रहा है। 
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इस मामले से जुड़े तीन लोगों ने बताया कि बीजिंग को बातचीत की टेबल तक लाने के लिए दबाव बनाने के मकसद से अमेरिका, चीन से आयातित उन वस्तुओं पर आयात शुल्क में ढाई गुना की बढ़ोतरी कर सकता है, जिनके बारे में वह 200 अरब डॉलर का टैरिफ लगाने को कह चुका है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चीन से आयातित करीब 200 अरब डॉलर के सामान पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क का प्रस्ताव दिया था लेकिन अब इस आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक किए जाने का प्रस्ताव हो सकता है। 
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चीन से आयात होने वाले लगभग 34 अरब डॉलर के सामान पर अमेरिका पहले ही 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगा चुका है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति इस आयात शुल्क को 200 अरब डॉलर तक के सामान तक ले जाने की धमकी दे चुके हैं। अब यह 10 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत तक किया जा सकता है। 

हालांकि इस मामले पर ट्रंप प्रशासन से जुड़े तीन अधिकारियों में से एक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि इन दिनों अमेरिकी वित्तमंत्री स्टीवन नुचिन और चीन के वाइस प्रीमियर लियु हे समझौते के रास्ते ढूंढने के लिए निजी संवाद जारी रखे हुए हैं। लेकिन ट्रंप के तेवर अब भी नरम नहीं हैं। 
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चीन ने भी की जवाबी तैयारी

यद्यपि ट्रंप की कोशिश है कि चीन आगे होकर अमेरिका से समझौते की पहल करे, लेकिन चीन ने अमेरिकी कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी करने की तैयारी कर ली है। चीन न सिर्फ कस्टम में बाधा लगा सकता है बल्कि विनिमय नियमों में बदला व निर्यात पर कर बढ़ा सकता है। इससे दोनों को घाटा होगा।

चीन अमेरिका को अलग-थलग करने के लिए दूसरे कारोबारी साझेदार ढूंढने की योजना पर भी विचार कर रहा है। यह ऐसे कारोबारी देशों का समूह होगा जिनसे अमेरिका का विवाद जारी है। इनमें यूरोपीय संघ, कनाडा व मैक्सिको शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी दबाव बढ़ने पर चीन ट्रेजरी बांड बेचने या खरीदना बंद करने पर विचार कर सकता है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगेगा। हालांकि इन उपायों से चीन भी प्रभावित होगा।
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