अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और परमाणु युद्ध की तैयारी किसी से छुपी नहीं है। लेकिन अमेरिका के विदेशमंत्री रैक्स टिलरसन अभी भी तनाव के कूटनीतिक हल पर भरोसा जता रहे हैं। दुनिया में अपने देश को सबसे ताकतवर परमाणु शक्ति बनाने के किम के दावे के बीच अमेरिकी विदेशमंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण मसले पर अमेरिका बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत को तैयार है।
वाशिंगटन में अटलांटिक काउंसिल फोरम में हुए एक बैठक में उत्तर कोरिया को लेकर टिलरसन के रुख में नरमी देखी गई। उन्होंने कहा कि हम लोग पहली बैठक बिना किसी पूर्व शर्त के करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मिलें और इस बात पर चर्चा करें कि बातचीत कैसे होगी। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि किम जोंग-उन का प्रशासन हथियार छोड़ने पर विचार के संकेत दे। टिलरसन की यह पेशकश उत्तर कोरिया पर गंभीर प्रतिबंधों और दो सप्ताह पहले किम द्वारा किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद हुई है।
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यह पेशकश टिलरसन की पिछली टिप्पणी में बदलाव का प्रतीक है जब उन्होंने कहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया से बातचीत नहीं करेगा और यह वार्ता केवल तभी होगी जब वह हमारे पक्ष में चर्चा को तैयार हो। टिलरसन ने कहा, हमने राजनयिक पक्ष से कहा है कि अमेरिका किसी भी समय बिना पूर्व शर्त पहली बैठक के लिए उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा कि चलिए, मिलते हैं और हम एक रोडमैप का खाका खींचने की कोशिश शुरू करते हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने दावा किया कि उत्तर कोरिया पर ट्रंप के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया है।