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रोहिंग्या पर हो रहे अत्याचार की संयुक्त राष्ट्र ने की आलोचना, मानवाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव पारित

Sat, 17 Nov 2018 01:37 PM IST
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
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संयुक्त राष्ट्र की एक समिति ने म्यामां में रोंहिग्या मुसलमानों के साथ मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। महासभा की मानवाधिकार समिति ने 142-10 के वोट से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। म्यामां, रूस, चीन, कंबोडिया और लाओस ने प्रस्ताव का विरोध किया जबकि 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या लोगों को शरण देने वाले बांग्लादेश ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया। प्रस्ताव को दिसंबर में 193 सदस्यीय महासभा की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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प्रस्ताव में रोहिंग्या समुदाय को लेकर म्यामां की सेना के रवैये पर भी चिंता जताई गई है। इस्लामिक सहयोग संगठन, यूरोपीय संघ और कनाडा की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में दोहराया गया है कि म्यामां की सेना अब भी रोहिंग्याओं के खिलाफ अत्याचार कर रही है। वह हत्याएं और बलात्कार जैसे अपराध कर रही है।

साथ ही संयुक्त राष्ट्र मिशन की उस रिपोर्ट पर भी चिंता जाहिर की गई जिसमें रोहिंग्याओं के खिलाफ अत्याचार को लेकर म्यामां के कुछ शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही गई थी। संयुक्त राष्ट्र में म्यामां के राजदूत एच डी सुआन ने प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित, एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दिया। सितंबर 2017 से अब तक 7 लाख 23 हजार रोहिंग्या पड़ोसी देश बांग्लादेश भागने को मजबूर हुए हैं।

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