संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत-पाकिस्तान के बीच आपसी विवाद सुलझाने में उनकी मदद करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है। बान के प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा, महासचिव हालिया घटनाओं के मद्देनजर दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्होंने दोनों देशों से ‘अधिकतम संयम बरतने’ और ‘तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने’ का आग्रह किया है।
बान ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से कश्मीर समेत आपसी मसलों को ‘कूटनीति एवं वार्ता के जरिये शांतिपूर्ण’ तरीके से सुलझाने की अपील की है। उन्होंने दोनों देशों से कहा कि ‘यदि दोनों पक्ष स्वीकार करते हैं’ तो वह मध्यस्थता के लिए उपलब्ध हैं। संयुक्त राष्ट्र दोनों देशों के बीच विवादास्पद क्षेत्र में लंबे समय से अपनी संस्थागत उपस्थिति बनाए हुए है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1971 के प्रस्ताव 307 के जनादेश के अनुसार भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र का सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) दोनों देशों के बीच कामकाजी रेखा एवं नियंत्रण रेखा पर और उसके पार संघषर्विराम उल्लंघनों पर नजर रखता है और इसकी सूचना देता है।