अमेरिका के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चोर कहा है। ट्रंप ने चीन को अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करने पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह अब तक की सबसे बड़ी चोरी है। अमेरिका की कंपनियां इसका सामना नहीं कर सकतीं।
अपने बेलाग बोलों से विवाद का केंद्र बनने वाले ट्रंप को चीन की नीति रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा है कि चीन ने अमेरिका के साथ जो किया है, उसे देखते हुए वह अब तक के सबसे बड़े चोरों में से एक है।
वह अमेरिका के साथ जो कर रहा है, उसे ऐसा करते रहने की इजाजत नहीं दे सकते। ट्रंप के मुताबिक, ‘देश अपनी मुद्रा का अवमूल्यन कर हमें मार रहे हैं और हमारी कंपनियां इसका सामना नहीं कर सकतीं। जापान का उदाहरण सामने है। उसने येन का मूल्य गिरा दिया।
इसकी वजह से ट्रैक्टर कंपनी कैटरपिलर को जापानी कंपनी कोमात्सु से कड़ी टक्कर मिल रही है। चीन ने भी अपनी मुद्रा का अवमूल्यन कर हमारे साथ जो किया वह अविश्वसनीय है। किसी को नहीं लगा था कि वह दोबारा ऐसा करेंगे लेकिन चार महीने पहले उन्होंने 20 साल का सबसे बड़ा अवमूल्यन किया। अब वह ऐसा फिर से करने जा रहे हैं।’
ट्रंप ने चेताया है कि वह चीन से अमेरिका आने वाले सामानों पर 40 से 45
प्रतिशत का टैरिफ लगाएंगे। उन्होंने वर्तमान व्यापार समझौते को असफल बताते
हुए कहा कि ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर नहीं होने चाहिए।