अमेरिका के न्याय विभाग ने आतंकी संगठन आईएसआईएस में युवाओं की भर्तियां रोकने के लिए एक नया प्लान बनाया था। यह मसौदा उसने यूरोपीय देशों के साथ-साथ कई अन्य देशों के साथ भी साझा किया है।
इस मसौदे के मुताबिक आतंकवाद पर प्रहार करते हुए आईएसआईएस की रीढ़ को तोड़ने का है। मसौदे के अनुसार कुछ ऐसे कानून बनाने होंगे कि जिससे इस्लामिक स्टेट की तरफ रूझान रखने और उससे जुड़ने वाले युवाओं को उनी भर्ती से पहले ही गिरफ्तार किया जा सके।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह मसौदा अमेरिकी सरकार ने विदेशों की सरकार के साथ भी बांटा है। इस मसौदे में कहा गया है कि सीरिया और इराक में आतंकी संगठनों से जुड़ने और दूर रखने के लिए युवाओं पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है। पेरिस में हुए आतंकी हमले के बाद एक बाद फिर से अमेरिका समेत यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ गई है।
64 लोगों को गिरफ्तार किया
अमेरिका के अधिकारियों ने यूरोपीय देशों के साथ गोलबंदी करना शुरू की थी कि कैसे कानून में बदलाव करके आतंकी संगठन आईएसआईएस पर काबू पाया जा सकता है। अमेरिका ने कहा था कि जिन लोगों पर संदेह हो, उन लोगों को सीरिया और इराक जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाए।
मसौदे में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए और उन्हें रोका जाए। इस बात के सामने आने के बाद ही एक विवाद और उठने लगा है कि क्या सच में ऐसे कानूनों से लोगों की निजता का हनन नहीं होगा। गौरतलब है कि यूरोपीय देशों में लोग लगातार यात्रा करते रहते हैं। ऐसे में ऐसे लोगों की जांच करना, एक तरह से विवादों के घेरे में आ सकता है।
आपको बताते चले कि अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2014 से सितंबर, 2015 के बीच करीब 64 लोगों को गिरफ्तार किया है जोकि इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ सकते थे। सिक्योरिटी एजेंसी के मुताबिक कुल 28 लोगों को इसलिए गिरफ्तार किया गया है कि वो इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए सीरिया और इराक की यात्रा करने वाले थे।