अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप चुनाव से पहले आयकर चुकाने के मामले में दबाव में आ गए हैं। उन्होंने अपने पुराने दस्तावेज सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। अरबपति व्यवसायी उम्मीदवार पिछले दो दशक से कर चुकाने से बचते रहे हैं। इससे उन्हें चुनाव में नुकसान पहुंच सकता है।
एक अखबार ने ट्रंप के 18 साल से कर नहीं चुकाने की खबर प्रकाशित की है। इससे उनकी लोकप्रियता पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के आयकर मामले शुरू से बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। सन 1995 के टैक्स रिटर्न में उन्होंने 916 मिलियन डॉलर यानी 6100 करोड़ रुपये का घाटा होने की जानकारी दी थी।
इससे उन्हें 18 महीने तक आयकर न चुकाने की छूट मिल गई थी। इसी प्रकार कुछ और मामले ट्रंप के खिलाफ हैं। ट्रंप ने अब तक अपने टैक्स रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए हैं। ऐसे में उनकी पारदर्शिता पर सवाल लग सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने अपने जवाब में कहा है कि उनके टैक्स से जुड़े मामलों की ऑडिट जांच चल रही है। इसलिए वह उन्हें सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं।