राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि यदि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ होने वाली बातचीत सफलता की तरफ जाते नहीं दिखी तो वह या तो बैठक रद्द कर देंगे अथवा बीच सत्र में ही बैठक छोड़ देंगे।
हालांकि किम के साथ होने वाली शिखर वार्ता को लेकर ट्रंप आशावान हैं, लेकिन बैठक से पहले ही उन्होंने जापान के पीएम शिंजो अबे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। अबे ने भी उम्मीद जताई कि शिखर वार्ता से परमाणु मिसाइलों और सामूहिक विनाश के हथियारों की होड़ पर रोक लगेगी।
ट्रंप ने कहा- उत्तर कोरिया पर परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर दबाव की नीति जारी रहेगी
ट्रंप ने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव जारी रखना चाहिए। जापानी पीएम अबे भी इन दिनों ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसॉर्ट में फ्लोरिडा में हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा लगेगा कि बैठक सफलतापूर्वक नहीं हो रही है तो मैं सम्मानपूर्वक वहां से बाहर आ जाऊंगा और फिर वही करूंगा जो हम कर रहे हैं।
ट्रंप ने दोहराया कि निरस्त्रीकरण को पूरी तरह से लागू करने, इसका प्रमाण देने और अपरिवर्तनीय ढंग से इसे स्वीकार करने पर उत्तर कोरिया के लिए आगे अच्छा भविष्य मौजूद है और यह उनके व दुनिया के लिए अच्छा दिन होगा। ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा बंधक बनाए गए तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा करने को लेकर प्रतिबद्ध है और इसे लेकर हमें सकारात्मक उम्मीदें हैं।
इसके अलावा उत्तर कोरिया ने जापान के 13 नागरिकों के अपहरण की बात भी स्वीकार की थी ताकि वे उनकी मदद से अपने जासूसों को प्रशिक्षित कर सके। ट्रंप ने इन जापानी नागरिकों की वापसी के लिए भी कोशिश करने की बात कही, लेकिन उन्होंने बैठक से पहले कोई शर्त जारी करने से इनकार किया। हालांकि इसी शिखर वार्ता के मद्देनजर ट्रंप ने सीआईए निदेशक माइक पोम्पियो को किम के साथ गोपनीय बैठक पर भेजा था।