अमेरिका के ओकलाहोमा सिटी के करीब मूर शहर में आने वाले भीषण चक्रवाती तूफ़ान के बाद बचाव और राहत कार्य अब भी जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि अब भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
तूफ़ान में अब तक मरने वालों की संख्या 24 है जिनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं। लेकिन यह संख्या बदल भी सकती है। इसके अलावा 237 लोग ज़ख़्मी भी हुए हैं।
मंगलवार के दिन तूफ़ान के बाद होने वाली तबाही का भी जायज़ा लिया जा रहा है। तबाही ऐसी हुई है कि बहुत से शहरवासियों को अपना शहर पहचान में नहीं आ रहा है।
दो मील चौड़े इस भीषण तूफ़ान के कारण 20 मील तक के इलाकों में भारी तबाही हुई है। सैकड़ों की संख्या में घर तबाह हो गए हैं, बहुमंजिला इमारतें तक ढह गई हैं। इनमें दो स्कूल और एक मेडिकल सेंटर भी शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओकलाहोमा के तूफ़ान पीड़ितों को हर मुमकिन मदद का वादा किया है।
व्हाइट हाउस में बोलते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा,“हमारी प्रार्थनाएं ओकलाहोमा के लोगों के साथ हैं। आज ओकलाहोमा में कई लोगों को उनके प्यारों से बिछड़ने का गम है, और उन्हे यह कठिन रास्ता भी तय करना है लेकिन आप यह रास्ता अकेले तय नहीं करेंगे, आपका देश आपके साथ है। और हम प्रार्थना के साथ साथ जब तक उनको ज़रूरत है तब तक उनकी हर मुमकिन मदद भी जारी रखेंगे। ”
राहत कार्य जारी
तूफ़ान के बाद चौबीस घंटों से अधिक गुज़र जाने के बाद भी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है।
अब भी लोगों के मलबे तले दबे होने का खतरा है इसलिए मलबे को धीरे धीरे हटाया जा रहा है और तलाश जारी है।
मूर शहर के अग्निशमन सेवा के मुखिया गैरी बर्ड ने कहा, “हम शहर में हर क्षतिग्रस्त घर और इमारत में कम से कम तीन तीन बार लोगों को खोजने के लिए जाएंगे और उन्हे बचाने की कोशिश जारी रहेगी।”
अधिकारीगण शहरवासियों से विनती कर रहे हैं कि वह अपने क्षतिग्रस्त घरों की ओर जाने की कोशिश न करें जिससे राहत कर्मियों को अपना काम करने में आसानी हो।
राज्य की गवर्नर मेरी फैलिन ने तबाही के मंज़र का हवाई दौरा करने के बाद कहा कि तबाही को देखना मुश्किल था।
गवर्नर मेरी फैलिन ने कहा, “स्कूली बच्चों की मौत के मामले बहुत ह्रदयविदारक हैं। और जब मैंने हवाई दौरा किया तो बस घरों की जगह हर तरफ़ लककड़ और इंटें ही बिखरी नज़र आ रही थीं जहां कभी घर हुआ करते थे।”
तूफ़ान के कारण तबाही के बाद मूर और ओकलाहोमा सिटी शहरों में अब भी करीब 38 हज़ार लोग बिना बिजली के हैं।
सलीम रिज़वी/न्यूयॉर्क