वैज्ञानिकों ने हमारे ब्रह्मांड के अंधकार युग से प्रकाश युग में जाने की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के शोधकर्ताओं के अनुसार ब्रह्मांड में मौजूद आकाशगंगाओं के ब्लैक होल से अल्ट्रावायलेट किरणें निकलती हैं जो उसके बादलों जैसे घनीभूत वातावरण को चीरकर बाहर निकल जाती हैं।
बिग बैंग के तुरंत बाद ब्रह्मांड अंधेरे से आच्छादित हो गया था। इस महाविस्फोट से इतन गर्म और घनी गैसें पैदा हुईं थीं कि रोशनी उसमें जब्त हो गई थी। बिग बैंग के लगभग 100 करोड़ साल बाद ब्रह्मांड फैलना शुरू हुआ। अंधेरा भी छंटने लगा और धीरे-धीरे आकाशगंगाएं, तारे और ग्रह अस्तित्व में आए जो रोशनी देते हैं।
नए अध्ययन के मुताबिक आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद ब्लैक होल अपने अंदर के पदार्थ को इतनी तेजी से बाहर फेंकता है कि उनसे निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें उसके वातावरण को चीर देती हैं और रोशनी को निकलने का रास्ता बनाती हैं।
शोधकर्ता 60 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर टीओआई 1247-232 नाम आकाशगंगा के निरीक्षण से इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ब्लैक होल में बहुत अधिक चमकीले एक्स-रे किरणों के स्रोत मौजूद हैं। इस आकाशगंगा पर धरती की परिक्रमा कर रहे चंद्रा टेलीस्कोप के जरिए नजर रखी गई। इस टेलीस्कोप का नाम भारतीय मूल के नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक सुब्रमण्यम चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है।