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बालों में कंघी से अंतरिक्ष में टाइमपास

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अपने दोनों अभियान के दौरान अंतरिक्ष में 322 दिन बिताए हैं। बीबीसी संवाददाता क्रिस्टीन जिवांस ने सुनीता विलियम्स से पूछा कि मंगल ग्रह जाने के लंबे अंतरिक्ष अभियान को अंतरिक्ष यात्री कैसे सहन कर सकता है। सुनीता ने साझा किए अंतरिक्ष के अपने अनुभव।
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ख़ुद को सामान्य रखें

मैं अपने बालों को रोज़ाना कंघी करती थी, मुझे नहीं पता कि इससे मेरे बाल बेहतर लगते थे या नहीं लेकिन मैं पृथ्वी पर भी ऐसा करती थी इसलिए ऐसा करने से मैं सामान्य रहती थी।

जब आप लंबी अवधि के मिशन पर जाने के बारे में सोच रहे हैं तो ये आपके दिमाग़ में होना चाहिए कि आप परिवार को छोड़कर जा रहे हैं लेकिन ये अच्छे कारणों से है और शायद इंसानियत की मदद करेगा।
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हम ऐसी चीज़ें लेकर जाते हैं जो हमें घर की याद दिलाए।

मेरी पसंदीदा चीज़ मेरा खिलौनानुमा कुत्ता है जिसे घर पर ही मेरे नन्हे कुत्ते जैक रसैल की तस्वीर से बनाया गया है।

खाना बेहद अहम है और मुझे मार्शमैलो क्रीम भेजी गई थी ताकि मैं टॉर्टिला पर मूंगफली के मक्खन से अपने बचपन के पसंदीदा “फ्लफरनटर” सैंडविच बना सकूं।

मेरी पसंद की और चीज़ें मुझे घर की याद दिलाती हैं – अपने ननिहाल की ओर की सूखी हुई क्रैनबेरी, डिब्बाबंद झींगा और स्लोवेनियाई सॉसेजेस और पिता के परिवार की तरफ़ से भारतीय समोसे।

हम स्लीप स्टेशन में सोते हैं, जहां आप दरवाज़ा बंद कर लें तो सब कुछ शांत और अंधेरे से भरा होता है। अगर कोई गड़बड़ी हो तो आप अलार्म सुन सकते हैं।

हम यूं तो सभी लाइट बंद कर देते हैं, सिर्फ़ टॉयलेट के पास कुछ “नाइट लाइट” होती हैं ताकि लोग जान सकें कि वो कहां जा रहे हैं।

स्पेसवॉक

इस सब का तकनीकी पक्ष ये है कि आप को ये समझना होता है कि आप एक छोटी सी जगह में और लोगों के साथ रह सकते हैं।

टीम मिलकर काम करती है और अगर आपने हाल ही के स्पेसवॉक देखे हों (जिनमें लुका पारमितानो के हेलमेट में कुछ तरल पदार्थ रिस गया था) तो आपने ज़रूर देखा होगा : आप साथ में ट्रेनिंग लेते हैं और जब थोड़ी मुश्किल आती है तो सभी एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं।

जब घर की याद सताए

मेरे लिए ख़बरें नहीं लोग अहम होते हैं, जब आग या तूफान जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के बारे में सुनती हूं तो घर की याद आती है और सोचती हूं कि सब कैसे हैं।

लेकिन मैं धरती की ओर भी देखती हूं और सोचती हूं कि “कितना सा ग्रह है और लोग बीच पर टहलने के लिए निकले होंगे या कुछ और काम कर रहे होंगे, वहां सब ज़रूर जीवन का आनंद उठा रहे होंगे।”
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जब दिन बुरा गुज़रे तो आप क्यूपोला विंडो की ओर जा कर धरती को देख सकते हैं। इससे आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी।

जब बात करने की सुविधा हो तो घर पर कॉल कर सकते हैं और दोस्ताना आवाज़ सुन सकते हैं।
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