मई 2013 से चल रहा दशाक्रम आपके प्रतिकूल है। कुण्डली में
लग्नेश की त्रिक भाव में स्थिति प्रयासों में असफलता, आरोगय सुख में कमी एवं मानसिक
चिंता में वृद्धि कर रही है।
ग्रह शांति के लिए एक शनिवार सांयकाल एक गोले में बूरा
मिश्रित काले तिल भरकर पीपल वृक्ष के नीचे भूमि में दबाएं। नित्य भगवान शिव की
उपासना करें। छ: रत्ती वजन का मोती रत्न चांदी में दाहिनी कनिष्ठïका में सोमवार के
दिन धारण करें। ऐसा करने पर जनवरी 15 के बाद लक्ष्य प्राप्ति की संभावना बनेगी।