लगभग 100 साल पहले समंदर की गहराइयों में डूबे टाइटैनिक के मलबे को लोग अब पास से जाकर देख सकेंगे। दरअसल, ब्रिटेन की एक कंपनी ने ऐसी छोटी पनडुब्बी तैयार की है जो लोगों को डूबे हुए टाइटैनिक जहाज के करीब ले जाएगी।
आठ दिन की इस यात्रा में ब्लू मार्बल प्राइवेट के पर्यटकों को कनाडा के न्यूफाउंडलैंड द्वीप से हेलीकॉप्टर से उत्तर अटलांटिक महासागर के उस स्थान पर ले जाया जाएगा जहां टाइटेनिक का मलबा है। वहां एक नौका पर हेलीकॉप्टर उतरेगा फिर वहां से उन्हें पनडुब्बी के जरिये समुद्र से चार हजार मीटर की गहराई में स्थित टाइटेनिक के मलबे तक ले जाया जाएगा।
अगले साल मई में पहली यात्रा के बाद दूसरी यात्रा 2019 में होगी। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की मदद से ‘ओशियन गेट’ नाम की कंपनी ने ये पनडुब्बी तैयार किया है। गौरतलब है कि साल 1912 में इंग्लैंड से न्यूयॉर्क जाते वक्त अपने पहले ही सफर में टाइटैनिक डूब गया था। इस भीषण त्रासदी में 1500 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। यह उस समय दुनिया का सबसे बड़ा जहाज था। आज से करीब 31 साल पहले 1985 में इसके मलबे को समंदर में खोज निकाला गया था।