केआईसी 8462852 स्टार या टैबी स्टार
वैज्ञानिकों का कहना है कि टैबी स्टार ब्रह्मांड का सबसे रहस्यमयी तारा है और यह धूल कणों की वजह से असामान्य ढंग से मंद और उज्जवल होता है। साथ ही वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत को खारिज कर दिया कि इस रहस्यमयी अस्थिर तारे के पीछे एलियंस हैं।
केआईसी 8462852 या टैबी स्टार सूर्य की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत बड़ा है और 1000 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म है। यह अन्य तारों की तरह ही मंद और तेज रूप से चमकता रहता है। इस तारे के असामान्य प्रकाश को कई सिद्धांतों से समझा गया है, जिसमें एक एलियन मेगास्ट्रक्चर भी शामिल है, जो स्टार की कक्षा में है।
अमेरिका के लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ताबेथा बोयाजिआन ने कहा कि स्टार के मध्यम और तेज चमकने का कारण ज्यादा धूल हो सकता है। नए आंकड़ों से पता चलता है कि प्रकाश के विभिन्न रंग अलग-अलग तीव्रता से अवरुद्ध किए जा रहे हैं। इसलिए हमारे और तारे के बीच जो कुछ भी गुजर रहा है, वह अपारदर्शी नहीं है।