जापान से हवाई के बीच सिर्फ सौर ऊर्जा से शक्ति लेकर उड़ान भरने वाले सोलर इंपल्स 2 ने बिना रुके सबसे लंबी एकल उड़ान का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने में सफलता हासिल कर ली है।
शुक्रवार 4 जुलाई को विमान हवाई एयरपोर्ट पर उतरेगा। 2 जुलाई को प्रशांत महासागर पार करते वक्त 76 घंटे की यात्रा करते हुए विमान ने एकल उड़ान का पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। विमान के स्विस पायलट बर्ट्रेन्ड पिकार्ड और आंद्रे बोर्स्चबर्ग ने 9 मार्च को अबू धाबी से अपनी यात्रा शुरू की थी।
विमान की पिछले पांच दिन की यह यात्रा काफी जोखिम भरी थी क्योंकि आपात स्थिति में कहीं भी लैंडिंग करने का सुरक्षित स्थान नहीं था। यात्रा आयोजकों के मुताबिक बिना रुके सबसे लंबी एकल उड़ान का श्रेय पायलट आंद्रे को जाता है।
इससे पहले 2006 में यह रिकॉर्ड अमेरिका के स्टीव फॉसेट ने 76 घंटे की यात्रा करके बनाया था। विमान के अन्य पायलट बर्ट्रेन्ड पिकार्ड ने कहा कि क्या आप सोच सकते हैं कि बिना ईंधन के कोई हवाई जहाज मात्र सौर ऊर्जा से इतनी लंबी उड़ान भर सकता है जो जेट विमान से भी ज्यादा हो ?
वाराणसी भी आया था विमान
सोलर इंपल्स 2 अपनी यात्रा के दौरान भारत के दो शहरों में भी रुका था। 10 मार्च को अहमदाबाद में उतरे इस विमान को यहां चार के बजाय मौसम खराब होने के कारण छ: दिन तक रुकना पड़ा था।
इसके बाद विमान ने वाराणसी के लिए उड़ान भरी और 18 मार्च को देर शाम तक यूपी में लैंडिंग की। भारत के अलावा ओमान, म्यांमार, चीन और जापान भी विमान के पड़ाव थे।
विमान की खास बातें
-17,000 से ज्यादा सोलर सेल हैं कार्बन फायबर एयरक्राफ्ट की पंखुड़ियों में
-28,000 फुट की ऊंचाई पर दिन में बैटरी रिचार्ज करके उड़ान भरने में सक्षम
-0,000 फुट की ऊंचाई पर रात में उड़ा भरता था ताकि बैटरी कम खर्च हो
-35,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके हवाई एयरपोर्ट पर उतरेगा विमान
-17,248 सौर बैटरियों व चार लीथियम बैटरियों से सुसज्जित है सोलर इंपल्स
-1,128 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के लिए विमान को 12 घंटे लगते हैं
-30-60 किलोमीटर प्रति घंटे की स्कूटर से भी धीमी गति से उड़ान भरी गई
-2,300 किलोग्राम है विमान का वजन जो किसी साधारण कार के बराबर है
-72 मीटर में फैले हैं डैने, जो किसी बोइंग 747 के आकार से भी अधिक हैं