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स्नोडेन ने रूस को शुक्रिया कहा, अमेरिका निराश

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अमेरिका ने कहा है कि वह एडवर्ड स्नोडेन को अस्थायी शरण देने के रूस के फ़ैसले से निराश है।
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व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी का कहना है कि अब इस पर विचार किया जा रहा है कि सितंबर में राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच शिखर सम्मेलन होना चाहिए या नहीं।

अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए में कॉन्ट्रैक्टर रहे एडवर्ड स्नोडेन पर जासूसी के आरोप हैं। अमेरिका का दावा है कि स्नोडेन ने सरकार के गुप्त निगरानी कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक की है।
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इस बीच एडवर्ड स्नोडेन ने शरण दिए जाने के रूस के फ़ैसले का स्वागत किया है और रूस को धन्यवाद दिया है। एक बयान में स्नोडेन ने अमरीका की सरकार पर आरोप लगाया है कि वो अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का सम्मान नहीं करती।

विकीलीक्स वेबसाइट पर जारी बयान में स्नोडेन ने कहा है, "पिछले आठ सप्ताहों से हमने देखा है कि ओबामा प्रशासन ने घरेलू या अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के प्रति कोई सम्मान नहीं जताया है। लेकिन आख़िरकार क़ानून जीत रहा है। मैं रूस का धन्यवाद देता हूँ कि उसने अपने क़ानून और अंतरराष्ट्रीय दायित्व के तहत मुझे शरण दी है"

सुरक्षित ठिकाना

राष्ट्रपति ओबामा और राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में सेंट पीटर्सबर्ग में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिलने वाले हैं।

इस सम्मेलन की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने ने कहा, "हम इससे बेहद निराश हैं कि रूस ने हमारे स्पष्ट और क़ानून के तहत अनुरोध के बावजूद ऐसा क़दम उठाया है। हमने सार्वजनिक रूप से और निजी रूप से यही अनुरोध किया था कि स्नोडेन को अमेरिका भेजा जाना चाहिए ताकि वे अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों का सामना करें।"

उन्होंने कहा कि इस मामले और अन्य मुद्दों की पृष्ठभूमि में इस सम्मेलन की उपयोगिता का आकलन किया जा रहा है।

दूसरी ओर स्नोडेन के वकील अनातोली कुचेरेना के मुताबिक़ उन्हें हवाई अड्डे से निकालकर सुरक्षित ठिकाने पर ले जाया गया है। स्नोडेन जून से मॉस्को के हवाई अड्डे में थे।

एयरपोर्ट प्रेस ऑफिस ने बीबीसी को बताया कि एडवर्ड स्नोडेन स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक दोपहर क़रीब 3।30 बजे) एयरपोर्ट से रवाना हुए। एयरपोर्ट पर मौजूद मीडिया को भी उनके एयरपोर्ट से निकलने का पता नहीं चल सका।

अमेरिका का आरोप है कि एडवर्ड स्नोडेन ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी लीक की। स्नोडेन ये जानकारी लीक करने के बाद 23 जून को हांगकांग से मॉस्को गए थे।
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अमेरिका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने मॉस्को को भरोसा दिलाया था कि अगर स्नोडेन को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें मौत की सज़ा नहीं दी जाएगी लेकिन रूस सरकार का कहना है कि वो स्नोडेन को नहीं सौंपने वाले हैं।

स्नोडेन प्रकण: कब, क्या हुआ

05 जून: ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार ने पहली बार लीक हुई जानकारी छापी। जिसमें कहा गया कि एनएसए लाखों अमेरिकियों के फ़ोन रिकॉर्ड्स जमा कर रहा है।

06 जून: गार्डियन और वॉशिंगटन पोस्ट ने प्रिज़्म प्रोग्राम के विवरण छापे।

09 जून: गार्डियन ने एडवर्ड स्नोडेन के अनुरोध पर उन्हें लीक के स्रोत के रूप में जाहिर किया।

14 जून: अमेरिका ने स्नोडेन के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया।

23 जून: स्नोडेन हांगकांग से मॉस्को पहुँचे। इक्वाडोर में राजनीतिक शरण की मांग की।

02 जुलाई: बोलीविया के नेता इवो मोरालेस के विमान की तलाशी इस शक में ली गई कि स्नोडेन इस विमान में हो सकते हैं।

06 जुलाई: बोलीविया, वेनेज़ुएला और निकारागुआ ने स्नोडेन को शरण की पेशकश की।

12 जुलाई: स्नोडेन ने कहा कि वे रूस में शरण की कोशिश कर रहे हैं।

01 अगस्त: रूस ने स्नोडेन को एक साल के लिए शरण दी।
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