यूएस के डलास में तीन साल की लड़की शेरिन मैथ्यूज का शव मिलने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने महिला एंव बाल विकास मंत्री मेनका गांधी से अनुरोध किया है कि वह उस प्रक्रिया की जांच करें जिसके तहत शेरिन को गोद लिया गया था।
दरअसल, शेरिन कई दिनों तक गायब रही थी और बाद में पता लगा कि उसके सौतेले पिता वेस्ले मैथ्यूज ने ही उसके शव को दफनाया था। इससे पहले तक वेस्ले कहता रहा था कि शेरिन पूरा दूध नहीं पी रही थी जिसकी वजह से उसने उसे घर के बाहर निकाल दिया था। जिसके बाद से बच्ची लापता थी। तब से ही पुलिस खोजबीन में लगी थी।
सौतेला पिता ही निकला 3 साल की भारतीय बच्ची का कातिल, दो हफ्तों से थी लापता
इतना ही नहीं भारत में गोद लेने-देने की जानकारी रखने वाली संस्था बाल दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने भी यूएस की गोद लेने वाली संस्था से जानकारी मांगी है। शेरिन का जन्म 14 जुलाई 2014 को भारत में हुआ था और उसके माता-पिता ने उसे बिहार के गया में छोड़ दिया था, जिसके बाद उसे अनाथालय में भेज दिया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक, शेरिन बचपन से ही कुपोषण का शिकार थी और उसे बोलने में भी तकलीफ होती थी।
वेस्ले मैथ्यूज पर बच्ची को चोट पहुंचाने का आरोप है। जिसके लिए उसे 99 साल कैद की सजा हो सकती है और उसपर 1 मिलियन डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।