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'उसे पता था कि मैं सिर्फ 14 साल की हूं'

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अमेरिका में गरीबी, अभाव और शोषण की वजह से हजारों बच्चे एक अंधेरी दुनिया में धकेले जा रहे हैं। यह एक ऐसी दुनिया है जिसके बारे में बहुत अमेरिकियों को पता है। लाखों अमेरिकी बच्चे हर साल यौन शोषण का शिकार होते हैं।
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ऐसा माना जाता है कि हर रात सैकड़ों बच्चे सेक्स के लिए बेचे जाते हैं। एफबीआई का कहना है यौन उत्पीड़न महामारी के स्तर तक फैला हुआ है। पिछले साल एफबीआई ने 600 बच्चों को बचाया था।

अमेरिका में मेक्सिको, दक्षिण और मध्य अमेरिका से बच्चों की तस्करी की जाती है, लेकिन अमेरिका में हर रात सेक्स के लिए खरीदे और बेचे जाने वाले ज्यादातर बच्चे अमेरिकी ही है।
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कई औरतों ने सुनाई भयावह दास्तां

कई औरतों ने हमें अपने जीवन की एक जैसी भयावह दास्तां हमें सुनाई। शोषण, उत्पीड़न और बचपन से उपेक्षा की शिकार होती आई उनकी ज़िंदगी। कभी-कभी तो उन्हें उन लोगों ने भी शिकार बनाया जिन्हें उन्हें बचाना चाहिए था।

कुछ अच्छे और दयालु लोग और एफ़बीआई जैसे कुछ क़ानूनी संस्थाओं से उन्हें कुछ राहत जरूर मिली। लेकिन जो कहानी हमने उनकी सुनी वो सिर्फ अमेरिका की सबसे काले अध्याय की एक बानगी भर थी।

मीनेसोटा में मैं सेक्स वर्कर्स रह चुकी कई महिलाओं से मिला। इन सभी को ब्रेकिंग फ्री नाम की संस्था से मदद मिल रही थी। इनमें से आधे से ज्यादा को 18 साल से कम उम्र में सेक्स के लिए बेच दिया गया था। कई 18 से कुछ ही बड़ी थीं।

चलाकी से कम उम्र की लड़कियों का फ़ायदा उठाते हैं

एक महिला ने बताया कि उन्हें उनकी आंटी ने 14 साल की उम्र में खरीदा था। 'उन्होंने मेरी मां को करीब 57 हज़ार रुपए दिए। मुझसे कहा कि मैं शॉपिंग मॉल जा रही हूं।'

आंटी उन्हें ड्रग डीलर के घर ले गई जहां उन्हें ड्रग दिया गया और उनके साथ बालात्कार किया गया। एक दूसरी महिला बताती है कि जब उन्हें घर से निकाला गया तो वे महज 17 साल की थी।

उनका कहना है, 'मैं बहुत कुछ पाना चाहती थी। मैं सेक्स वर्कर के रूप में काम करने लगी। बाद में मैं ज्यादा पैसे कमाने के लिए Backpage.com पर विज्ञापन के सहारे का इस्तेमाल करने लगी।'

एक महिला को महज 14 साल की उम्र में उस आदमी ने अगवा कर लिया गया जिसके बारे में वो सोचती थी कि वे उन्हें पसंद करता है। वे दो साल तक घर नहीं लौटीं। 'ब्रेकिंग फ्री' की चर्चा में अहम भूमिका निभाने वाली जेनी गेन्स का कहना है, 'कई ऐसे है जो चलाकी से कम उम्र की लड़कियों का फ़ायदा उठाते हैं।'
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यह बहुत मुश्किल लड़ाई है

एक महिला बताती है, 'मेरे साथ गलत करने वाले को पता था कि मैं सिर्फ 14 साल की हूं इसके बावजूद मैं उसके सामने 18 की दिखने की कोशिश करती रही।'

'जब उसे वाकई में पता चला कि मैं कितनी बड़ी हूं तो वे रूका नहीं। वे मुझे और ज्यादा चाहने लगा।' एक महिला जो 14 साल की उम्र में पहली बार तस्करी का शिकार हो गई थी, का कहना है कि वे वेश्यावृति में वापस नहीं जाना चाहती।

वो कहती है, 'यह एक बहुत बड़ा घेरा है, आप जैसे आगे बढ़ते हैं आप इसमें फंस जाते हैं। आपको पैसा मिलता है और आप इसके इर्द-गिर्द नाचते रहते हैं। आपको ये सब करते हुए इसे तोड़ना होगा।' यह एक बहुत मुश्किल लड़ाई है।
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