गूगल ने एक ऐसा रोबोट बनाया है जिसे अति बुद्धिमान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसने कुछ उत्तर भी दिए गए हैं जो सदियों से मानवों के लिए परेशान करने वाला विषय रहा है।
ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए बातचीत को समझना सबसे बड़ी समस्या रही है। रोबोट हमेशा एक विशिष्ट दिशानिर्देशों का ही पालन करते हैं। वह हमेशा से कुछ खास और चुनिंदा प्रश्नों के उत्तर देने में ही सक्षम होते हैं। लेकिन इस नए रोबोट से गूगल को काफी आशायें हैं। उसका मानना है कि यह नया तरीका बातचीत के पुराने तरीकों को बदलकर रख देगा।
गूगल के मुताबिक यह पहले से ही लिखे लाइनों या पहले से तय सवालों के जवाब देने के बजाय लोगों से बातचीत के दौरान ही उनके सवालों का जवाब देने में सक्षम है साथ ही वह इस दौरान उनसे सीखने की भी कोशिश करता है।
बताया जीवन का सार
शोधार्थियों का कहना है कि उन्होंने इस सुपर आर्टिफिशियल रोबोट से उसके टेक्नीकल सपोर्ट के बारे में सीधे तौर पर कुछ सवाल पूछे। पहले हमने इससे आसान सवाल पूछे जो उसके वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क और ब्राउजर्स से जुड़े हुए थे। इसके बाद हमने कठिन प्रश्न पूछने शुरू कर दिए।
शोधार्थियों ने जो सवाल मशीन से पूछे उनमें से कुछ इस तरह थे...
मानव- जीवन का उद्देश्य क्या है?
मशीन- दूसरों की ज्यादा से ज्यादा सेवा करना।
मानव- जीने का उद्देश्य क्या है?
मशीन- हमेशा जीते रहना।
मानव- तुम अभी कहां हो?
मशीन- मैं कहीं नहीं के बीच में हूं।
मानव- मरने का उद्देश्य क्या है?
मशीन- जीवन का होना।
और बेहतर बनाने की जरूरत
शोधार्थियों ने इस मशीन से नीति शास्त्र, दार्शनिक और इतिहास से संबंधित सवाल भी पूछे। उसने अपने एक जवाब में कहा 'एलिजाबेथ के राज के दौरान इंग्लैंड एक महान स्थान था।' और मेसी एक 'महान खिलाड़ी हैं।' हालांकि, कुछ सवालों के जवाब में कई मतभेद भी दिखाई दिए।
बावजूद इसके यह उम्मीद जताई गई कि इस नए रोबोट के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट के दिशा में और काम किए जा सकते हैं और यह पुराने सभी अवधारणाओं को तोड़कर नए सवालों के जवाब आसानी से दे सकने में सक्षम होगा। लेकिन गूगल के इस रोबोट ने उस तरह से जवाब दिया जैसा पहले कभी नहीं हुआ।