कॉर्बन डाइऑक्साइड और पानी से सीधे इस्तेमाल लायक तरल हाईड्रोकार्बन ईंधन बनाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने यह संभव कर दिखाया है। इसके लिए केवल केंद्रित प्रकाश, ऊष्मा और उच्च दबाव की जरूरत होती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार वातावरण में मौजूद कॉर्बन डाइऑक्साइड और पानी से हाइड्रोकार्बन बनाने की प्रक्रिया एक चरणीय है। इसे फोटो थर्मो केमिकल फ्लो रिएक्टर में अंजाम दिया गया।
इसके लिए 180 से 200 डिग्री सेल्सियस तापमान और छह वायुमंडलीय दबाव की जरूरत होती है। टेक्सास यूनिवर्सिटी के फ्रेडरिक मैकडोनेल के अनुसार इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन भी प्राप्त होती है।