इस सप्ताह सऊदी अरब के दौरे पर जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से पार पाने पर चर्चा करेंगे। अपने दौरे पर ट्रंप मुस्लिम जगत को भी संबोधित करेंगे, जिसमें आतंकवाद प्रमुख मुद्दा हो सकता है। ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि इन दो मुल्कों में आतंकवाद बड़ी समस्या है और दुनिया के इस हिस्से में इसकी जड़ी काफी मजबूत हैं।
अधिकारी ने बताया, "आतंकवाद ही सबसे बड़ी समस्या है। यह मोसुल से लेकर और अफगानिस्तान और पाकिस्तान में काफी गहरी है। हम इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुद्दे पर चर्चा करनी होगी।" गौरतलब है कि 50 से अधिक देशों के नेता सऊदी अरब में होने वाली इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इनमें से ज्यादातर मुल्क इस्लामिक हैं। उन्होंने खुशी जताई कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस बैठक में शामिल होने वाले हैं।
हालांकि, रियाद ने ट्रंप के साथ पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ या अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अलग से बातचीत की कोई पुष्टि नहीं की है। इसके अलावा संभव है कि ट्रंप ब्रुसेल्स में होने वाली नाटो मीटिंग में भी इस मुद्दे को उठा सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका अफगानिस्तान में अपने फौजियों की संख्या को लेकर भी दोनों से देशों से बात कर रहा है।