मजबूत भारतीय कूटनीति के चलते रद्द हुए सार्क सम्मेलन पर अमेरिका ने अफसोस जताया है। व्हाइट हाउस के एक उच्च अधिकारी ने इस साल सार्क सम्मेलन के स्थगित होने पर अफसोस जताते हुए कहा कि सार्क अपनी क्षमताओं पर खरा नही उतर सका। गौरतलब है कि कई सार्क सदस्यों के पाकिस्तान में आयोजित होने वाले सम्मेलन में शरीक ना होने की घोषणा के बाद इस बार का सार्क सम्मेलन स्थगित हो गया।
अमेरिका में व्हाइट हाउस के उच्च अधिकारी पीटर लेवॉय ने कहा कि इस साल सार्क सम्मेलन का स्थगित हो जाना अफसोस जनक है। उन्होंने कहा कि सार्क अन्य क्षेत्रीय संगठनों की भांति सफल नही हो सका और ना ही अपनी क्षमताओं पर खरा उतर सका। सार्क के सदस्य देशों की एकसमान समस्याओं, सीमा विवाद के निपटारे, अन्य समस्याओं के निदान के मद्देनजर आशियान की स्थापना के समय सार्क की भी स्थापना की गई थी।
लेकिन अफसोस की बात है कि सार्क सामान्य समस्याओं के निपटान के लिए मंच नही प्रदान कर सका। जो कि सदस्य देशों के आपसी संबंधों के लिए नकारात्मक साबित हुआ। सार्क के सफल साबित ना होने का एक कारण यह भी रहा कि इसमें कभी आपसी संबंध के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश ही नही की गई।
गौरतलब है कि भारत ने कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आयोजित होने वाले सार्क सम्मेलन में शामिल होने से मना कर दिया था जिसके बाद अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश और श्री लंका ने भी इस सम्मेलन से अपने हाथ खींच लिए थे। बाद में पाकिस्तान को विवश होकर सार्क सम्मेलन को अनिश्चित काल के स्थगित करना पड़ा।