अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि रूस के सरकारी हैकरों ने डोनल्ड ट्रंप के कंप्यूटर नेटवर्क में सेंध लगाई है। डोनल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के अधिकारियों के मुताबिक हैकरों ने ईमेल और इंटरनेट चैट से भी जानकारियां चुराई हैं जबकि निजी और वित्तीय डाटा से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) की अध्यक्ष डेब्बी वास्सरमैन शुल्त्ज ने इसे 'गंभीर' मामला बताते हुए बताया कि डीएनसी के कंप्यूटर नेटवर्क में घुसपैठ की गई। उन्होंने बताया कि अपने नेटवर्क को सुरक्षित बनाने और घुसपैठियों को निकाल बाहर करने के लिए साइबर सुरक्षा कंपनी की मदद ली गई है।
रूस ने इस हैकिंग में किसी भी रूप में शामिल होने से इनकार किया
डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्यूटरों में सेंध लगाने की ख़बर सबसे पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने छापी थी
- फोटो : Reuters
वहीं रूस ने इस हैकिंग में किसी भी रूप में शामिल होने से इनकार किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "मैं इसमें (रूसी) सरकार या किसी सरकारी संस्था का हाथ होने की संभावना को पूरी तरह से ख़ारिज करता हूं।" डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्यूटरों में सेंध लगाने की ख़बर सबसे पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने छापी थी। हैकिंग की जानकारी अप्रैल में पता चला था।
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक़ रूसी गुट अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करने के दौड़ में शामिल हिलेरी क्लिंटन और डॉनल्ड ट्रंप के नेटवर्क और रिपब्लिकन राजनीति कार्रवाई समिति पर भी निशाना साध रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ट्रंप को लेकर काफी आशावान हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को नाटो से अलग होने का सुझाव दिया था। उन्होंने प्रचार के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कई बार तारीफ़ की। रूसी हैकरों पर 2015 में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के क्लासीफ़ाइड ईमेल को हैक करने के आरोप लगे थे।