अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप में बराक ओबामा द्वारा रूस के 35 अधिकारियों को अमेरिका से बाहर निकालने के फैसले के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने भी रूस के राष्ट्रपति से जस के तस के तहत बदले की कार्रवाई की सिफारिश की।
लेकिन 20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के मद्देनजर ब्लादिमीर पुतिन ने फिलहाल अमेरिका के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि रूस बदले की कार्रवाई नहीं करेगा।
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उनका देश अमरीकी राजनयिकों को निकालने की कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजनयिकों पर किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
रूस अमेरिकी राजनयिकों के बच्चों को संसद में छुट्टी मनाने के लिए आमंत्रित करेगा
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पुतिन ने रूस की संसद क्रेमलिन से जारी एक बयान में कहा कि वह अमेरिकी राजनयिकों के बच्चों को संसद में छुट्टी मनाने के लिए आमंत्रित करने जा रहे हैं। पुतिन ने कहा कि अब पूरा मामला अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम पर निर्भर करेगा, हालांकि उन्होंने कहा कि यह रूस का अधिकार है कि वह कोई कार्रवाई करता है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। इसलिए रूस उनकी नीतियों के बाद ही कोई कार्रवाई करेगा। इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने हैकिंग के आरोप में अमेरिका के कदम पर ‘जस को तस’ कार्रवाई के तहत 35 अमेरिकी राजनयिकों को देश से निकालने का अनुरोध किया था।
विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने टेलीविजन पर प्रसारित बयान में कहा कि - ‘रूस के विदेश मंत्रालय ने अनुरोध किया है कि रूसी राष्ट्रपति मास्को में अमेरिकी दूतावास के 31 और सैंट पीटर्सबर्ग में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के चार राजनयिकों को अवांछित घोषित करने को मंजूरी प्रदान करें।’
अमेरिका से रूस के 35 राजनयिकों को बाहर निकालने के फरमान को विश्व राजनीति की यह सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है, जो शीतयुद्ध के वक्त भी नहीं घटी। हालांकि ट्रंप ने पहले से ही कहा है कि वह पुतिन के साथ मिलकर काम करेंगे।
अमेरिकी खुफिया प्रमुखों से मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी खुफिया प्रमुखों से मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में कथित हस्तक्षेप के मामले में रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया जताते हुए देश से आगे बढ़ने की अपील की और उन अमेरिकी खुफिया प्रमुखों से मुलाकात करने फैसला लिया जिनकी उन्होंने कड़ी आलोचना की थी।
हालांकि ट्रंप पहले ही चुनाव संबंधी खुफिया जानकारी हासिल कर चुके हैं और सार्वजनिक तौर पर भी पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं, ऐसे में उनका खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों से मिलने का फैसला उनका नरम रुख दिखाने का एक अवसर भी उन्हें प्रदान कर सकता है।
ट्रंप ने लगाया सत्ता बदलाव में रोड़े अटकाने का आरोप
अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा सत्ता हस्तांतरण में रोड़े अटका रहे हैं। ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे। फिलहाल उनकी ट्रांजिशन टीम ओबामा प्रशासन से सत्ता संभालने के तौर तरीकों पर विचार कर रही है।
ट्रंप ने अपने आरोपों का विस्तार से खुलासा नहीं किया है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ओबामा से फोन पर बात की है। ट्रंप ने कहा कि ‘ओबामा अभी हवाई की यात्रा पर हैं, उन्होंने मुझे फोन किया था।’ यह पूछने पर कि क्या रोड़े अटकाने पर बात हुई तो ट्रंप ने कहा कि बातचीत सामान्य थी और अच्छे ढंग से हुई, उन्होंने फोन किया अच्छा लगा।’