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ओबामा का रूस को करारा जवाब, 35 खुफिया रूसी एजेंट निकाले

Fri, 30 Dec 2016 10:56 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित सर्वर और ई-मेल की साइबर हैकिंग को लेकर ओबामा प्रशासन ने रूस के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने रूस की एफएसबी और जीआरयू खुफिया एजेंसियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही रूस के 35 खुफिया एजेंटों को अमेरिका से निकाल दिया गया है। 
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मामले में ओबामा ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस सरकार ने साइबर हैकिंग की, जिसके जवाब में मैंने रूस के खिलाफ कई प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।’ ओबामा प्रशासन ने न्यूयॉर्क और मैरीलैंड में रूस के खुफिया जानकारी के लिए इस्तेमाल होने वाले परिसरों को भी बंद करने का आदेश दिया है। 

अमेरिकी चुनाव के दौरान साइबर हैकिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खुद शामिल होने की बात भी कही जा रही है। आरोप है कि पुतिन ने ट्रंप को जिताने के लिए हैकिंग करवाई।
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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने रूसी हैकिंग के मामले में जांच के आदेश दे चुके हैं, जिसकी रिपोर्ट भी जनवरी के शुरुआत में आनी थी। उधर, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि मामले में ओबामा प्रशासन को सर्वश्रेष्ठ कोशिशें करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। 
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डोनाल्ड ट्रंप के लिए रूस ने किया ये सब

फाइलः डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Getty Images
ट्रंप अभी तक साइबर हैकिंग में रूस की भूमिका की बात से इनकार करते आ रहे हैं। वह सार्वजनिक रूप से रूसी राष्ट्रपति की तारीफ भी कर चुके हैं। रूस ने इन मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की इन कार्रवाइयों को उकसावे के कदम माना जाएगा और इनका उचित जवाब दिया जाएगा। 

रूस के कूटनीतिक अभियानों के खिलाफ अमेरिका में उठाए गए हर कदम की तत्काल प्रतिक्रिया रूस में अमेरिका के कूटनीतिज्ञों के साथ होंगी। रूस पर अमेरिकी आम चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक दलों और राजनेताओं की ई-मेल हैक करने का आरोप है।
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