दिन भर में जो भी हिंसक और यौन संबंधी दृश्य या वीडियो आप देखते हैं वो रात में आपके सपनों को प्रभावित करने का काम करता है। एक नई रिसर्च में इस बात का पता चला है कि जो लोग रात में सोने के पहले 90 मिनट के बीच ऐसे दृश्य देखते हैं, उनको सामान्य लोगों की अपेक्षा 13 गुना अधिक हिंसक स्वप्न आते हैं।
इसके अलावा जो लोग यौन संबंधी दृश्य देखते हैं उनमें यौन संबंधी स्वप्न आने की संभावनाएं छह गुना होती हैं। शोधकर्ताओं ने मीडिया और स्वप्न पर पड़ने वाले उसके प्रभाव के आधार पर 10 से 60 वर्ष के 1287 लोगों पर शोध कर के इस बात का पता लगाया। यह शोध ड्रीमिंग पत्रिका में प्रकाशित हुआ।