भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जून में हुई बैठक से दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध बना है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक से भारत-अमेरिका के रिश्तों को आगे ले जाने की दिशा में मजबूत नींव पड़ी।
अधिकारी ने संकेत दिया कि रक्षा और आतंकवाद से निपटना दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा से भारतीय अधिकारियों के रिश्ते को आगे बढ़ाने को लेकर संदेह दूर हो गया।
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नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर इस अधिकारी ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और मुक्त एवं खुले समुद्री मार्ग को बनाए रखने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने, व्यापार की आजादी, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और संप्रुभता जैसे विषयों समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई और इस पर आगे बात की जाएगी।
ट्रंप प्रशासन के पहले आठ महीने के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग बड़ा पहलू था। पहली बार अमेरिका ने गैर नाटो देश को गार्जियन ड्रोन उपलब्ध कराने का फैसला किया।
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