रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ हुई महत्वपूर्ण प्लूटोनियम डील स्थगित कर दी है। इस समझौते के तहत अपने रक्षा कार्यक्रमों से हथियार बनाने योग्य प्लूटोनियम के निबटारे पर दोनों परमाणु शक्तियों के बीच सहमति बनी थी। रूस का कहना है कि वाशिंगटन के मैत्रीपूर्ण कदम नहीं उठाने के कारण वह इस समझौते को स्थगित कर रहा है। इस डील पर वर्ष 2000 में हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते को निरस्त्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा गया था। 2010 में भी दोनों देशों ने इस पर प्रतिबद्धता जताई थी। रूस का दावा है कि समझौते की शर्तों के तहत वाशिंगटन काम नहीं कर रहा है, ऐसे में देश की सुरक्षा के लिए उसे इस समझौते से पीछे हटना पड़ रहा है।
इससे पहले भी पुतिन ने आरोप लगाया था कि अमेरिका समझौते का सम्मान करते हुए प्लूटोनियम का निबटारा नहीं कर रहा है। दरअसल, समझौते में कहा गया था कि मॉस्को और वाशिंगटन हथियार बनाने योग्य 34 टन प्लूटोनियम को परमाणु ईंधन (मिक्स्ड ऑक्साइड फ्यूल या एमओएक्स) में इस्तेमाल कर समाप्त करेंगे। लेकिन 2011 में जापान के फुकुशिमा परमाणु आपदा के बाद अमेरिका में सुरक्षा खतरे एवं खर्चे को देखते हुए एमओएक्स ईंधन पुनर्र्पसंस्करण संयंत्र का विरोध किया गया।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे प्लूटोनियम के निबटारे का दूसरा रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने प्लूटोनियम को किसी दूसरे तत्व के साथ मिलाकर अंडरग्राउंड रखने की बात कही। पर मॉस्को का तर्क है कि इस तरह से तो प्लूटोनियम दोबारा हासिल किया जा सकता है। एक विशेषज्ञ ने कहा कि इस समझौते के स्थगित होने से परमाणु अप्रसार सहयोग को झटका लगा है।