रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रेजन्टेटिव्स में भारी बहुमत में वोटिंग हुई है। 419 सदस्यों के समर्थन से ये विधेयक हाउस ऑफ रिप्रेजन्टेटिव्स में पारित हो गया है, सिर्फ तीन सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया था। अगर ये विधेयक पारित हो गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप और पूर्वी यूक्रेन में रूस के दखल के लिए रूसी अधिकारियों को निशाना बनाया जा सकेगा।
रूस की संसद ड्यूमा की अंतरराष्ट्रीय मामलों की कमेटी के लियोनिड स्लत्स्की ने कहा कि इन नए प्रतिबंधों से अमेरिका और रूस के संबंध जटिल हो जाएंगे। इस विधेयक को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजे जाने से पहले सीनेट से मंजूरी मिलना जरूरी है। अगर ये विधेयक सीनेट में भी पास हो जाता है तो इससे राष्ट्रपति ट्रंप की दिक्कतें बढ़ सकती है। क्योंकि रूस के साथ संबंध बेहतर करने की उनकी योजना को इससे झटका लग सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के पास इस विधेयक को वीटो करने का भी विकल्प है लेकिन संवाददाताओं के मुताबिक अगर वो ऐसा करते हैं तो वो रूस की तरफ झुकाव का संकेत दे सकते हैं। एक रिपब्लिकन नेता स्कॉट टेयलर ने कहा कि राष्ट्रपति इस विधेयक को वीटो करके रोक दें इसकी संभावना कम है। अमेरिका ने पहले ही रूसी नागरिकों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। पिछले साल दिसंबर में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 35 रूसी अधिकारियों को वापस भेजने का निर्देश दिया था। ईरान और उत्तर कोरिया को उनके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए अमेरिका प्रतिबंध लगाना चाहता है। अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के अलावा ट्रंप प्रशासन के सदस्य दो सदस्यों ने इसका विरोध किया क्योंकि इससे रूस पर लगे प्रतिबंधों में नरमी करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शक्तियों को भी कम करने का प्रावधान है।