भारत और पाकिस्तान के बीच के कश्मीर मुद्दे के समाधान के मामले में डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं होंगे क्योंकि नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के साथ संबंधों को गहरा बनाने का संकेत दिया है। एक शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ ने शुक्रवार को यह बात कही।
‘द डेली सिग्नल’ में प्रकाशित एक ऑप-एड में द हेरिटेज फाउंडेशन की लीजा कुर्टिस ने लिखा है, ‘इस बात को लेकर बहुत अधिक शंका है कि ट्रंप प्रशासन भारत-पाकिस्तान विवाद में खुद को शामिल करने पर विचार करेगा, खासकर ऐसे समय में जब ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उनकी दिलचस्पी भारत के साथ संबंधों को गहरा बनाने को लेकर है।’ कुर्टिस ने बताया, ‘वास्तव में अमेरिका दोनों परमाणु संपन्न प्रतिद्वंद्वियों के बीच के तनाव को कम करने का प्रयास करके ज्यादा उपयोगी भूमिका निभा सकता है।