अमेरिका में जनसांख्यिकी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल देश में गरीबों की संख्या में हल्की सी वृद्धि हुई और ये बढ़कर चार करोड़ 65 लाख पहुँच गई है।
अमेरिका में 2011 में चार करोड़ 62 लाख गरीब थे। इस तरह वहां गरीबी की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 15 प्रतिशत पर बरक़रार है।
पिछले साल 23,492 डॉलर से कम की आय वाले चार लोगों के परिवार को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया था।
बदलाव
कुछ विश्लेषक गरीबी के लिए रोजगार के रुझानों में बदलाव और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं में सख्ती को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं।
मंदी से उबरने के बाद रिटेल और रेस्तरां जैसे जिन क्षेत्रों में नौकरियों के नए अवसर पैदा हुआ हैं वहां वेतनमान काफी कम है। जनसांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर परिवार की औसतन सालाना आय 51017 डॉलर पर बरक़रार है।
विभाग का अनुमान है कि देश में पिछले साल एक करोड़ 61 लाख बच्चे और 65 साल और उससे अधिक आयु के 39 लाख लोग गरीब थे।
आंकलन
गरीबी पर जनसांख्यिकी विभाग के पू्र्व विशेषज्ञ और पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्री जॉन आइसलैंड ने 2012 के आंकड़ों को निराशाजनक बताया है।
उन्होंने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा, "इससे साबित होता है कि अर्थव्यवस्था में आए सुधार का फ़ायदा हर किसी को समान रूप से नहीं मिल रहा है।"
गरीबी का यह आकलन टैक्स कटौती से पहले की आय पर आधारित है और इसमें बेरोजगारी भत्ते जैसी सरकारी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
जनसांख्यिकी विभाग के हाउसहोल्ड इकोनोमिक्स डिवीज़न के प्रमुख डेविड जॉनसन के मुताबिक़ इन सरकारी सुविधाओं के चलते 17 लाख लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर रखने में मदद मिली है।