जी 20 सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार शाम को अर्जेंटीना पहुंच चुके हैं। यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले ब्यूनस आयर्स में आयोजित “शांति के लिए योग” समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने योग किया। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह चार दिवसीय दौरा है। वह दो दिसंबर को स्वदेश के लिए रवाना होंगे।
यहां पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम को "शांति के लिए योग" का नाम दिया गया है। मुझे लगता है कि इस कार्यक्रम के लिए इससे बेहतर नाम हो ही नहीं सकता। चूंकि योग हमें बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद करता है और हमारे दिमाग व शरीर को शांत रखने की ताकत देता है।
उन्होंने कहा जब व्यक्ति का दिमाग शांत होगा तो परिवार, समाज, देश और दुनिया में भी शांति कायम रहेगी। स्वास्थ्य, कल्याण और शांति के लिए दुनिया को भारत की ओर से यह खास उपहार है।इसके अलावा उन्होंने ओडिशा में आयोजित हॉकी विश्व कप में अपना पहला मैच जीतने के लिए अर्जेंटीना हॉकी टीम को बधाई देने के साथ भारतीय हॉकी टीम को आने वाले मैचों के लिए शुभकामनाएं दी।
पीएम मोदी ने कहा जी-20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों, टिकाऊ विकास, जलवायु परिवर्तन, भगोड़े आर्थिक अपराधियों जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। ये पूरी दुनिया के हित में हैं न कि सिर्फ भारत और अर्जेंटीना के।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सौद के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
विदेश सचिव विजय गोखले ने ब्यूनस आयर्स में कहा, 'पीएम मोदी की सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ एक सौहार्दपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक काफी खास रही। अगले 2-3 सालों में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाएगा। सऊदी प्रिंस ने पीएम को बताया कि सऊदी नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत निवेश करने की शुरुआती योजना पर काम कर रहा है।'
पीएम मोदी और एंटोनियो गुतारेस के साथ बातचीत में पोलैंड के काटोवाइस में होने वाली 'कोप 24' जलवायु परिवर्तन पर अहम बातचीत हुई। महासचिव ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जलवायु परिवर्तन के समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।
ट्रंप और आबे से खास मुलाकात करेंगे मोदी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह होने वाले जी-20 सम्मेलन से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो आबे से मुलाकात करेंगे। भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते रणनीतिक प्रभाव को देखते हुए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को बताया कि यह त्रिपक्षीय बैठक ट्रंप और आबे के बीच होने वाली बैठक का विस्तार है।
गौरतलब है कि पूर्वी चीन सागर में जापान के साथ उसकी तनातनी जगजाहिर है। वहीं दक्षिण चीन सागर को लेकर भी उसका कई देशों से विवाद है। दोनों ही क्षेत्र खनिज, तेल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है।
चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताता है, जबकि अमेरिका भी समय-समय पर इलाके में गश्त करता रहता है। जून में सिंगापुर में हुई शांगरी ला वार्ता में भारत-प्रशांत क्षेत्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना रुख साफ कर चुके हैं। मोदी ने कहा था कि हम भारत-प्रशांत क्षेत्र को रणनीतिक तौर पर या चुनिंदा सदस्यों के क्लब के तौर पर नहीं देखते हैं।
कई देशों के नेताओं से मिलेंगे ट्रंप
जी-20 सम्मेलन अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में 30 नवंबर से 1 दिसंबर तक आयोजित होगा। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने बताया कि ट्रंप अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा सभी की निगाहें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से होने वाली ट्रंप की बैठक पर होंगी।