अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के 30 दिनों के अंदर लागू हो जाने की खबर का स्वागत किया है। उन्होंने इसे भावी पीढ़ियों के लिए ग्रह की रक्षा करने की दिशा में एक ‘टर्निंग प्वाइंट’ (महत्वपूर्ण मोड़) करार दिया है।
बुधवार को व्हाइट हाउस के रोस गार्डन में अपनी प्रतिक्रिया में ओबामा ने कहा, ‘भावी पीढ़ियों के लिए हमारे ग्रह की रक्षा करने की जंग में यह एक एतिहासिक दिन है। दुनिया ने पेरिस समझौते को प्रभावी करने के लिए आवश्यक सीमा को आज आधिकारिक रूप से हासिल कर लिया। यदि हम इस समझौते के तहत प्रतिबद्धताओं का पालन करते हैं तो इस समझौते का प्रतीक इतिहास में हमारे ग्रह के लिए एक अहम मोड़ के रूप में दर्ज हो जाएगा।’
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल पेरिस समझौते से जलवायु संकट समाप्त नहीं हो जाएगा। ओबामा ने कहा, ‘अगर हम समझौते में बताए गए प्रत्येक लक्ष्य को हासिल कर भी लेते हैं तब भी हम उस सफलता का एक हिस्सा ही हासिल कर पाएंगे, जिसे हमें हासिल करनी है। लेकिन यह समझौता जलवायु परिवर्तन के कुछ सबसे खराब परिणामों को टालने या उनसे बचने में मदद करेगा। यह समय के साथ खतरनाक कार्बन उत्सर्जन कम करने में देशों की मदद करेगा। यह समझौता पारदर्शिता की मजबूत प्रणाली के तहत तकनीकी विकास जैसे लक्ष्यों को तय करता है।’